अक्सर माता-पिता बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए फैसले लेते हैं, लेकिन कभी-कभी वही फैसले आगे चलकर बच्चे के लिए तकलीफ की वजह बन जाते हैं। लुइसियाना में जन्मे जिम एम्ब्रोस की कहानी इसका उदाहरण है। जिम इंटरसेक्स कंडीशन के साथ पैदा हुए थे, यानी उनके जननांग पूरी तरह स्पष्ट नहीं थे। उस समय डॉक्टरों की सलाह पर उनके माता-पिता ने बचपन में ही सर्जरी करवा दी और उन्हें लड़की के रूप में पालने का फैसला किया।

जिम का बचपन लड़की की तरह बीता कपड़े, हेयरस्टाइल और खेल सब कुछ वैसा ही रहा। लेकिन किशोरावस्था में उन्हें लगने लगा कि उनकी पहचान उनसे मेल नहीं खाती। उन्हें लड़कियों की तरह रहना असहज लगता था और शरीर में होने वाले बदलाव भी सामान्य नहीं थे। 19 साल की उम्र में जब मेडिकल जांच कराई गई, तब सच्चाई सामने आई कि वे जैविक रूप से XY क्रोमोसोम वाले हैं। यह खुलासा जिम के लिए गहरे सदमे जैसा था।
इसके बाद जिम ने अपनी कहानी सार्वजनिक की और इंटरसेक्स बच्चों पर बिना उनकी सहमति के की जाने वाली जेंडर सर्जरी पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में बच्चे को बड़ा होने के बाद खुद अपनी पहचान तय करने का अधिकार मिलना चाहिए।

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