ब्रैस्ट कैंसर के मामले दोगुनी रफ्तार से बढ़े, स्टडी में खुलासा
हाल की एक अध्ययन रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारत में ब्रेस्ट कैंसर पिछले कुछ वर्षों में दोगुनी रफ्तार से फैल रहा है। यह अध्ययन राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम (NCRP) और विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा किया गया है।
ब्रेस्ट कैंसर की बढ़ती दर
अध्ययन के अनुसार, पिछले दशक में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में लगभग 100% की वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस वृद्धि के कई कारण हैं:
जीवनशैली में बदलाव
असंतुलित आहार और मोटापा
देर से विवाह और कम बच्चे पैदा करना
व्यायाम की कमी और शहरी जीवन की गतिशीलता
महिलाओं में शुरुआती उम्र में बढ़ते मामले
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अब ब्रेस्ट कैंसर की घटनाएँ 40–50 साल की उम्र की महिलाओं में अधिक देखी जा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह संकेत करता है कि जागरूकता और नियमित जांच की कमी के कारण महिलाओं में रोग की पहचान देर से हो रही है।
निदान और उपचार
विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती निदान से ब्रेस्ट कैंसर का इलाज संभव है। महत्वपूर्ण उपाय हैं:
नियमित सेल्फ-ब्रेस्ट जांच
साल में एक बार मैमोग्राफी
संतुलित आहार और व्यायाम
धूम्रपान और शराब से परहेज़
सरकारी स्वास्थ्य विभाग और कई एनजीओ लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं ताकि महिलाओं में प्रारंभिक निदान और समय पर इलाज को बढ़ावा दिया जा सके।
देश में ब्रेस्ट कैंसर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन सही जागरूकता, समय पर जांच और जीवनशैली में बदलाव से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें और हर साल नियमित जांच कराएँ।

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