बृजभूषण शरण सिंह को कोर्ट से बड़ी राहत, यौन उत्पीड़न मामले में हुए बरी
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत दी है। सोमवार को कोर्ट ने महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण सिंह और पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर दोनों को बरी कर दिया। यह मामला महिला पहलवानों द्वारा WFI प्रमुख के तौर पर बृजभूषण सिंह के कार्यकाल के दौरान लगाए गए आरोपों से जुड़ा था। दिल्ली पुलिस ने 2023 में दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें यौन उत्पीड़न और आपराधिक धमकी जैसे गंभीर आरोप शामिल थे।
बंद कमरे में हुई थी अंतिम सुनवाई
अदालत ने इस मामले पर फैसला सुनाने के लिए 3 अगस्त की तारीख तय की थी। पूरे मामले की सुनवाई बंद कमरे (इन-कैमरा) में संपन्न हुई। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ताओं की तरफ से सीनियर वकील रेबेका जॉन, जबकि बचाव पक्ष की तरफ से राजीव मोहन की टीम ने दलीलें पेश की थीं।
जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद दर्ज हुई थी एफआईआर
यह पूरी कार्रवाई महिला पहलवानों द्वारा जंतर-मंतर पर किए गए विरोध-प्रदर्शन के बाद दर्ज एफआईआर पर आधारित थी। जांच के बाद दिल्ली पुलिस ने 15 जून, 2023 को लगभग 1,500 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। चार्जशीट में आईपीसी की धारा 354, 354A, 354D और 506(1) के तहत आरोप तय किए गए थे। ट्रायल के दौरान कोर्ट ने एसआईटी (SIT) सदस्य और जांच अधिकारी के बयान दर्ज करने के बाद साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया।
'कोर्ट ने सम्मान के साथ बरी किया'
कोर्ट का फैसला आने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, "पहले दिन, जब मेरा पहला बयान आया था, तो मैंने कहा था कि अगर कोई भी आरोप साबित होता है, तो मैं फांसी लगा लूंगा। आज कोर्ट ने मुझे सम्मान के साथ बरी कर दिया है। यह मेरे और मेरे लिए खुशी की बात है... आज खुशी का दिन है।"
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