घर के गार्डन में कैसे उगाएं बैंगन, कम जगह में भी मिल सकती है बढ़िया पैदावार
भारत में बैंगन ऐसी सब्जी है जो लगभग हर रसोई में बनाई जाती है. अच्छी बात यह है कि इसे सिर्फ खेतों में ही नहीं, बल्कि घर के गार्डन या किचन गार्डन में भी आसानी से उगाया जा सकता है. थोड़ी सी मेहनत और सही तरीके अपनाकर आप अपने घर में ताजे और बिना केमिकल वाले बैंगन उगा सकते हैं. आइए जानते हैं कि घर के गार्डन में बैंगन की खेती कैसे करें.

सबसे पहले बैंगन लगाने के लिए ऐसी जगह चुनें जहां रोजाना करीब 6 से 7 घंटे तक अच्छी धूप आती हो. बैंगन का पौधा धूप में बेहतर तरीके से बढ़ता है और फल भी ज्यादा देता है. यदि आपके पास ज्यादा जगह नहीं है तो आप इसे बड़े गमले या ग्रो बैग में भी आसानी से लगा सकते हैं.

बैंगन के पौधे के लिए हल्की, भुरभुरी और पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है. गार्डन की मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या कंपोस्ट मिलाने से पौधों की वृद्धि तेज होती है. मिट्टी को ढीला और नम बनाए रखना जरूरी होता है, ताकि जड़ों का विकास सही तरीके से हो सके.
बैंगन की खेती बीज से या तैयार पौधे से दोनों तरीकों से की जा सकती है. आमतौर पर पहले बीज को नर्सरी या छोटे गमले में बोया जाता है. जब पौधे में 3 से 4 पत्तियां आ जाएं, तब उसे गार्डन की जमीन या बड़े गमले में लगा दिया जाता है. पौधों के बीच लगभग 1 से 1.5 फीट की दूरी रखना अच्छा माना जाता है.

बैंगन के पौधों को नियमित रूप से पानी देना जरूरी है, लेकिन बहुत अधिक पानी देना नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए तभी पानी दें जब मिट्टी हल्की सूखी लगे. इसके साथ-साथ समय-समय पर खरपतवार हटाते रहें, ताकि पौधों को पर्याप्त पोषण मिल सके.
अच्छी पैदावार के लिए हर 15 से 20 दिनों में पौधों में जैविक खाद या कंपोस्ट डालना फायदेमंद रहता है. इससे पौधे मजबूत होते हैं और फल ज्यादा लगते हैं. घर की रसोई से बनने वाली जैविक खाद का उपयोग भी इसमें किया जा सकता है.

कभी-कभी बैंगन के पौधों पर कीट या रोग का हमला हो सकता है. इससे बचाव के लिए नीम का घोल या किसी जैविक कीटनाशक का छिड़काव किया जा सकता है. पौधों की नियमित जांच करने से नुकसान होने से पहले ही समस्या को रोका जा सकता है.
आमतौर पर बैंगन के पौधे लगाने के लगभग 60 से 80 दिनों बाद फल देना शुरू कर देते हैं. जब बैंगन का आकार सही हो जाए और उसका रंग चमकदार दिखे, तब उसे तोड़ लेना चाहिए. सही देखभाल करने पर एक ही पौधे से कई बार बैंगन की फसल प्राप्त की जा सकती है.

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