बसपा ने सहारनपुर जिले के चार बड़े नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया...
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होती जा रही है। सभी दलों ने अभी से अपनी-अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। वहीं बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती भी चुनावी तैयारियों में पूरी ताकत झोंकने में जुट गई हैं। मायावती संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ वह अनुशासनहीन नेताओं पर लगातार कार्रवाई कर रही हैं। इसी क्रम में बसपा ने सहारनपुर जिले के चार बड़े नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
बसपा जिलाध्यक्ष जगपाल सिंह की ओर से इस संबंध में पत्र जारी किया गया है। 18 जुलाई को जारी पत्र के मुताबिक, पूर्व मण्डल प्रभारी कुलदीप बालियान, नगर पंचायत रामपुर मनिहारन की चेयरमैन रेनू बालियान, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी अजब सिंह, और जिला पंचायत सदस्य रंजीता को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के चलते निष्कासित कर दिया गया है। जिलाध्यक्ष ने पत्र में स्पष्ट किया कि इन नेताओं को पहले भी कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन इनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ। पार्टी ने साफ किया है कि यह फैसला संगठन और मूवमेंट के हित में लिया गया है।
संगठन को मजबूत करने पर जोर-
बसपा प्रमुख मायावती ने हाल के महीनों में कई बार पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को अनुशासन में रहने की हिदायत दी है। वह खुद संगठन स्तर पर लगातार बैठक कर रही हैं और यह सुनिश्चित कर रही हैं कि पार्टी चुनाव से पहले आंतरिक रूप से मजबूत रहे। इस कार्रवाई को भी उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। वहीं जानकारों की माने तो 2022 के विधानसभा चुनाव में कमजोर प्रदर्शन के बाद बसपा किसी भी तरह की ढील नहीं देना चाहती। पार्टी अब उन चेहरों पर दांव लगा रही है जो पूरी निष्ठा के साथ संगठन और मूवमेंट के प्रति समर्पित हों।
2022 विधानसभा चुनाव में कैसा रहा बसपा का प्रदर्शन-
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में एक करोड़ 18 लाख वोट पाने वाली बसपा का खाता बमुश्किल ही खुल पाया। पार्टी सिर्फ रसड़ा सीट ही जीत पाई है। जबकि प्रदेश में दलित वोटरों की संख्या लगभग तीन करोड़ है। प्रदेश में कुल 15.2 करोड़ वोटर हैं। इनमें से 12.9 फीसदी वोट बसपा को मिला। उसे कुल एक करोड़ 18 लाख 73 हजार 137 वोट मिले।

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