बाबा साहेब की जयंती से मायावती की चुनावी शंखनाद-अब 2027 में आएगी बसपा सरकार?
बाबा साहेब की जयंती से मायावती की चुनावी शंखनाद
अब 2027 में आएगी बसपा सरकार?
उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बड़ा सियासी संदेश देने की तैयारी है। बसपा सुप्रीमो मायावती 14 अप्रैल यानि संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर लखनऊ में एक बड़ी रैली के जरिए 2027 के चुनावी रण का शंखनाद करने जा रही हैं। यह रैली 2027 चुनाव को लेकर बसपा का शक्ति प्रदर्शन मानी जा रही है। हालांकि इससे पहले भी बीते 9 अक्टूबर 2025 को बसपा संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि के अवसर पर भी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बसपा प्रमुख मायावती का रैली थी। अब इस रैली को शक्ति प्रदर्शन कहें या अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान या फिर सपा की खिलाफत और योगी सरकार की तारीफ का मंच लगता है सब कुछ पहले से ही तय था पर गौर करने वाली बात है कि इस बड़े कार्यक्रम में उमड़ी लोगों की भीड़ ने ये तो बता दिया है कि बसपा खत्म हो चुकी पार्टी नहीं बल्कि आज भी बेहतर बजूद में है वो अलग बात है कि सक्रियता उतनी नहीं रहती पर इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि आज भी अगर केवल बसपा का कोर वोटर एक साथ हो जाए तो बसपा की पूर्ण बहुमत सरकार बड़ी आसानी से बन सकती है।
और अब 14 अप्रैल को होने वाली एक और रैली बसपा का चुनावी शंखनाद माना जा रहा है। तो क्या यह रैली 2027 के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करेगी? क्या बसपा फिर से उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापसी का रास्ता बना पाएगी? और क्या दलित वोट बैंक को साधने की यह नई रणनीति सियासी समीकरण बदल देगी? क्या करो और मरो वाले इस यूपी विधानसभा चुनाव में मायावती एक बार फिर नीले झंडे का राज स्थापित कर पाएंगी। देखिये सी न्यूज़ भारत पर ये शानदार, बेबाक और निष्पक्ष चर्चा
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