Budget 2026: टैक्सपेयर्स को मिलेगी बड़ी राहत! निर्मला सीतारमण बदल सकती हैं ये नियम, आपकी जेब पर होगा सीधा असर

Transaction Tax) पर हैं। पिछले कुछ वर्षों में टैक्स नियमों में कई बदलाव हुए हैं, जिससे निवेशकों को उलझन का सामना करना पड़ा। पहले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) पर इंडेक्सेशन के साथ 20% टैक्स लगता था, जिससे महंगाई के अनुसार टैक्स कम होता था। 2004 में STT लागू होने के बाद लिस्टेड शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड्स पर LTCG से पूरी तरह छूट मिल गई। लेकिन 2018 में LTCG दोबारा लागू हुआ और 1 लाख रुपये से अधिक मुनाफे पर 10% टैक्स लगाया गया, जिससे निवेशकों को अब STT और LTCG दोनों देने पड़ने लगे।Nirmala Sitharaman to make history with 9th consecutive budg

2024 के बजट में शेयर और इक्विटी फंड्स पर टैक्स 10% से बढ़ाकर 12.5% कर दिया गया, जबकि अचल संपत्ति पर टैक्स 12.5% किया गया लेकिन इंडेक्सेशन का लाभ खत्म कर दिया गया। हालांकि, 23 जुलाई 2024 से पहले खरीदी गई प्रॉपर्टी पर पुराने नियम लागू रहे। सरकार का तर्क था कि नियम सरल बनाने के लिए एक सिंगल रेट लाना जरूरी था, लेकिन अलग-अलग एसेट्स के लिए होल्डिंग पीरियड अभी भी अलग-अलग हैं, जो आम निवेशकों के लिए समझना मुश्किल है।Nirmala Sitharaman | Life, Career, & India's Finance Minister | Britannica  Money

बजट 2026 में उम्मीद है कि STT को कम या हटाया जा सकता है, जिससे शेयर बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी और निवेशकों पर दोहरी टैक्स का बोझ कम होगा। इसके अलावा, लिस्टेड और अनलिस्टेड शेयरों के लिए होल्डिंग पीरियड को एकसमान करने से टैक्स फाइलिंग आसान हो जाएगी। म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी यह बजट महत्वपूर्ण है, क्योंकि डेट फंड्स पर वर्तमान में LTCG का लाभ नहीं मिलता और टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना पड़ता है। उम्मीद है कि इस बजट में निवेशकों के लिए नियम सरल होंगे, मध्यम वर्ग को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और टैक्स की असमानताओं को दूर किया जाएगा।

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.