यूपी विधानमंडल का बजट सत्र आज से, पहले दिन हंगामे के आसार; सत्ता और विपक्ष आमने-सामने

यूपी विधानमंडल का बजट सत्र आज से, पहले दिन हंगामे के आसार; सत्ता और विपक्ष आमने-सामने

सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों नें तैयार कर ली है अपनी रणनीति-
 
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से होगी, लेकिन पहले ही दिन सदन में हंगामे के आसार नजर आ रहे हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने सत्र को लेकर अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है। समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सरकार को कई मुद्दों पर घेरते हुए विरोध प्रदर्शन करेगी।


बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ से होगी, इसके बाद राज्यपाल द्वारा अभिभाषण पढ़ा जाएगा, जिसमें राज्य सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं का उल्लेख होगा। अभिभाषण के दौरान विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य मुख्य मंडप में मौजूद रहेंगे। इसके बाद आवश्यक विधायी कार्य निपटाए जाएंगे। मंगलवार को दिवंगत पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही बुधवार तक स्थगित रहेगी। बुधवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा।

यह ट्रेड -डील नहीं ढ़ील है-अखिलेश यादव 

सत्र से पहले राजधानी लखनऊ में सपा विधायक चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर प्रदर्शन करेंगे और इसके बाद सदन के भीतर राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध करते हुए ‘गो-बैक’ के नारे लगाने की तैयारी में हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में हुई विधायक दल की बैठक में तय किया गया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महिलाओं की सुरक्षा, खाद संकट, एमएसपी पर खरीद, कोडीन कफ सिरप की तस्करी और विदेश नीति जैसे मुद्दों को मुखर रूप से उठाया जाएगा। अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए इसे “डील नहीं, ढील” करार दिया।वहीं, विपक्ष की घेराबंदी से निपटने के लिए भाजपा भी पूरी तरह सतर्क है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में मंत्रियों और विधायकों को सत्र के दौरान नियमित उपस्थिति और पूरी तैयारी के साथ सदन में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने एसआईआर को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अहम बताते हुए इस कार्य को प्रभावित न होने देने पर जोर दिया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में स्वस्थ चर्चा से प्रदेश का विकास होता है, जबकि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सहमति-असहमति को लोकतंत्र का अभिन्न अंग बताते हुए सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का भरोसा दिलाया है।

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