वारकरियों की सेवा ही विठ्ठल की सेवा"… 1982/83 बैच के सहपाठियों के परिजनों ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी!

देऊळगाव राजा  : पंढरपुर की यात्रा पर निकले वारकरियों की सेवा ही भगवान विठ्ठल की सच्ची सेवा है, इसी भावना को साकार करते हुए देऊळगाव राजा हाईस्कूल की वर्ष 1982/83 बैच के सहपाठियों के परिजनों ने सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। मराठवाड़ा के वरुड से पंढरपुर जा रही जय बजरंग पैदल दिंडी के वारकरियों को अन्नदान के साथ-साथ वस्त्रदान कर मानव सेवा और भक्तिभाव का अनूठा संदेश दिया। इस सराहनीय पहल की शहर सहित पूरे क्षेत्र में व्यापक प्रशंसा हो रही है।
देऊळगाव राजा हाईस्कूल की वर्ष 1982/83 बैच के सहपाठी पिछले कुछ समय से एकजुट होकर विभिन्न सामाजिक गतिविधियों का आयोजन कर रहे हैं। जरूरतमंदों की सहायता करना, समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना तथा सामाजिक एकता को मजबूत करना इस समूह का प्रमुख उद्देश्य है।
11 जुलाई 2026 को वरुड से आई जय बजरंग पैदल दिंडी का रात्रि विश्राम देऊळगाव राजा बायपास स्थित श्रावणी लॉन्स में हुआ। इस अवसर पर सहपाठियों के परिजनों ने वारकरियों के लिए अन्नदान की व्यवस्था की। इसी दौरान सहपाठी प्रद्युम्न तेलंग की माताजी श्रीमती वसुंधरा तेलंग ने महिला वारकरियों को वस्त्रदान करने का प्रस्ताव रखा। उपस्थित सभी लोगों ने इस पहल का उत्साहपूर्वक समर्थन किया और मात्र दस मिनट में 51 महिला वारकरियों के लिए वस्त्रों की व्यवस्था कर दी गई।
सायंकाल हरिनाम संकीर्तन और भक्तिमय वातावरण के बीच महिला वारकरियों का सम्मानपूर्वक वस्त्रदान कर अभिनंदन किया गया। इस सेवा कार्य में देवांग वस्त्रालय की संचालिका भावना प्रवीण रोडे ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।इस सेवा अभियान में प्रद्युम्न तेलंग, तृप्ती हेमंत जिंतूरकर, ज्योती अमोल सुरळीकर, रमा गोपाल व्यास, मनीषा सुशील हनुमंते, मीनाक्षी नीरज पारिख, कविता अनिल बाहेती, जया सन्मती जैन, उषा सतीश कुलकर्णी तथा अनिता राधेश्याम भीलवडे ने सक्रिय सहभागिता निभाई। वहीं मंगलाताई सुधाकर डोईफोडे, गणेश रामाने, गजानन मुळे और शिवा महाराज शर्मा ने भी उदारतापूर्वक सहयोग किया।इसके अलावा यशा हेमंत जिंतूरकर ने प्रत्येक महिला वारकरी को पैरों के मोजों के दो-दो जोड़े भेंट किए, जो उनकी पैदल यात्रा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। इस स्नेहपूर्ण उपहार से महिला वारकरियों के चेहरों पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी।
हरिपाठ के दौरान सहपाठियों के परिवारजनों ने वारकरियों के साथ पारंपरिक फुगड़ी खेलकर भक्तिमय वातावरण में आनंदोत्सव मनाया। सेवा, भक्ति और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत करने वाली इस पहल ने सभी उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। अनेक लोगों ने कहा कि समाज में ऐसे सेवा कार्यों की आज अत्यंत आवश्यकता है समाजसेवा, भक्ति और मानवता का संदेश देने वाली यह प्रेरणादायी पहल देऊळगाव राजा के लिए मिसाल बन गई है। इस आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि "वारकरियों की सेवा ही भगवान विठ्ठल की सच्ची सेवा है।"

रिपोर्टर : राजेश पंडित

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