ग्रामीण अस्पताल में डीजल खरीदी-उपयोग की जांच करें; दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई

देऊलगांव राजा : देऊलगांव राजा स्थित ग्रामीण अस्पताल की सरकारी एंबुलेंस के डीजल खरीदी एवं उपयोग को लेकर गंभीर संदेह व्यक्त किया गया है। इस मामले की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वाले संबंधितों के खिलाफ निलंबन सहित कड़ी कार्रवाई की जाए, ऐसी मांग स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर से ज्ञापन के माध्यम से की गई है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि ग्रामीण अस्पताल की सरकारी एंबुलेंस के डीजल खरीदी एवं उपयोग को लेकर इससे पहले भी जिला शल्य चिकित्सक, बुलढाणा के पास पत्राचार कर शिकायतें की गई हैं। हालांकि, अभी तक इस मामले में ठोस एवं निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होने का आरोप ज्ञापनकर्ता ने लगाया है।
प्रत्यक्षदर्शी गवाह होने का दावा ज्ञापनकर्ता ने जनवरी 2024 में हुए संबंधित व्यवहार के संबंध में स्वयं प्रत्यक्षदर्शी गवाह होने का दावा किया है। इसलिए केवल स्थानीय स्तर पर जांच न करते हुए स्वतंत्र एवं वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से इस मामले की गहन जांच की जाए, ऐसी मांग की गई है।
जांच के दौरान एंबुलेंस का लॉगबुक, किलोमीटर की प्रविष्टियां, डीजल की रसीदें, वाहन चालक की उपस्थिति, ईंधन रजिस्टर तथा संबंधित आर्थिक व्यवहार की जांच की जाए। साथ ही उपलब्ध होने पर एंबुलेंस के CCTV एवं GPS रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जाए, ऐसी मांग ज्ञापन में की गई है।
सरकारी निधि के दुरुपयोग की संभावना की जांच की मांग सरकारी अस्पताल के वाहनों के लिए उपयोग किए जाने वाले ईंधन के खर्च में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा सरकारी निधि का दुरुपयोग हुआ है या नहीं, इसकी जांच करना आवश्यक है, ऐसा ज्ञापन में कहा गया है। जांच में किसी प्रकार का गैरव्यवहार सामने आने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ऐसी मांग की गई है।
ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों के लिए एंबुलेंस अत्यंत महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा है। इसलिए इसके उपयोग में पारदर्शिता तथा ईंधन खर्च का उचित एवं नियमित रिकॉर्ड रखना आवश्यक है। इस मामले से जुड़े प्रत्येक पहलू की दस्तावेजों के आधार पर जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए, ऐसी अपेक्षा ज्ञापन के माध्यम से व्यक्त की गई है।
कार्रवाई नहीं होने पर उपोषण की चेतावनी
देऊलगांव राजा का ग्रामीण अस्पताल सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। जिले के प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस क्षेत्र के ग्रामीण अस्पताल का उल्लेख है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद यदि कार्रवाई नहीं की गई तो मजबूरन स्वास्थ्य उपसंचालक, अकोला के कार्यालय के समक्ष उपोषण करना पड़ेगा, ऐसी स्पष्ट चेतावनी भी ज्ञापन के माध्यम से दी गई है।अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग
जांच में संबंधित अधिकारियों अथवा कर्मचारियों द्वारा अनियमितता या गैरप्रकार किए जाने की पुष्टि होने पर निलंबन, अनुशासनात्मक कार्रवाई, आवश्यकतानुसार आपराधिक कार्रवाई तथा शासन को हुए नुकसान की वसूली की जाए, ऐसी ठोस मांग समाधान मिसाल ने की है।सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति नागरिकों का विश्वास कायम रखने के लिए इस शिकायत का निष्पक्ष संज्ञान लेकर पारदर्शी जांच होना आवश्यक है, ऐसा उन्होंने ज्ञापन में कहा है। अब संबंधित विभाग इस शिकायत का संज्ञान लेकर क्या कार्रवाई करता है, इस ओर नागरिकों का ध्यान लगा हुआ है।

रिपोर्टर : राजेश पंडित

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