मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन: इस्तीफे की मांग और एसआईआर (SIR) को बताया अवैध

नई दिल्ली : मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को देश के कई राज्यों में जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करने के साथ ही वोटर्स लिस्ट में बदलाव को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ और अन्य वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में इंदिरा गांधी की प्रतिमा से लेकर चुनाव आयोग कार्यालय तक एक विरोध मार्च निकाला गया। यह प्रदर्शन राज्य-स्तरीय आंदोलन का हिस्सा था। इस दौरान कांग्रेस सांसद किरण कुमार चामला ने कहा कि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और उनके खिलाफ अभियोग चलाने की मांग को लेकर एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सत्ता में बने रहने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को प्रभावित किया है, ताकि मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकें। सांसद चामला ने मांग की कि 2025 की वोटर लिस्ट को तत्काल रद्द किया जाए और हटाए गए 13 करोड़ मतदाताओं के नाम दोबारा बहाल किए जाएं।

पटना, श्रीनगर, लखनऊ समेत अन्य राज्यों तक विरोध की गूंज

तेलंगाना के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी इसका असर देखने को मिला। पटना में वाम दलों (लेफ्ट पार्टीज) ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया, तो वहीं श्रीनगर और लखनऊ में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन पूरे देश में चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के चुनावी जनादेश को "चुराया" जा रहा है और एसआईआर (SIR) पूरी तरह से गैर-कानूनी है। पवन खेड़ा ने तर्क दिया कि 'फॉर्म 6' में किसी भी तरह के संशोधन के लिए संसद की मंजूरी की आवश्यकता होती है, जो इस मामले में नहीं ली गई। उन्होंने कहा, "चूंकि एसआईआर अवैध है, इसलिए इसके तहत किए गए सभी नाम जोड़े और हटाए जाने वाले काम भी अवैध हैं।" देश में भारी आक्रोश का हवाला देते हुए उन्होंने देश बचाने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत पद से हटाने की मांग दोहराई।

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.