CEC ज्ञानेश कुमार को ‘भारत रत्न’ देने की उठी मांग, तो दूसरी तरफ इस्तीफे का दबाव
नई दिल्ली: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर देश की सियासत गरमाई हुई है। जहां एक ओर विपक्ष एसआईआर (SIR) मामले को लेकर उनके इस्तीफे की मांग पर अड़ा है और 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में बड़े प्रदर्शन की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उन्हें ‘भारत रत्न’ देने का अनोखा अनुरोध किया है। NCPI के अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश चटर्जी ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान उनके नेतृत्व की सराहना करते हुए शांतिपूर्ण मतदान और रिकॉर्ड मतदान का हवाला दिया है।
ज्ञानेश कुमार के समर्थन में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। हाल ही में अग्रवाल और वैश्य संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के समर्थन में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और विपक्ष के नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें भारत रत्न देने की मांग दोहराई। दूसरी तरफ, 'सीजेपी' (CJP) जैसे संगठन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं और चेतावनी दी है कि जब तक वह पद नहीं छोड़ते, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
यह पूरा राजनीतिक विवाद 'द इंडियन एक्सप्रेस' अखबार की उस रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ था, जिसमें चुनाव आयोग और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कई बड़े खुलासे किए गए थे। रिपोर्ट सामने आने के बाद से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और यह मामला देश की मुख्य राजनीतिक बहस बन गया है।

No Previous Comments found.