बीजेपी दफ्तर पर आतंकी हमला, हमले के पीछे का 'खतरनाक' सच
बीती शाम एक खौफनाक खबर चंडीगढ़ से सामने आई जहां चंडीगढ़ बुधवार शाम बम धमाके की गूंज से थर्रा उठा। निशाना बना....सेक्टर-37 स्थित भारतीय जनता पार्टी का पंजाब प्रदेश कार्यालय! जी हां शाम के ठीक 5 बज रहे थे, जब दो बाइक सवार हमलावर मौत का सामान लेकर आए और लोकतंत्र के मंदिर कहे जाने वाले राजनीतिक दफ्तर को दहलाने की कोशिश की। यह सिर्फ एक धमाका नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा एजेंसियों और सिस्टम को खुली चुनौती है! क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है? क्या पंजाब बीजेपी के वर्किंग प्रेसिडेंट अश्वनी शर्मा आतंकियों के निशाने पर थे? आज की इस महा-कवरेज में हम आपको दिखाएंगे वो वायरल वीडियो जिसने सनसनी फैला दी है और उस आतंकी की पोस्ट, जिसने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
आपको बता दें बुधवार शाम करीब 5 बजे, चंडीगढ़ का पॉश इलाका सेक्टर-37 गोलियों की नहीं, बल्कि एक जोरदार धमाके की आवाज से गूंज उठा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक मोटरसाइकिल पर दो युवक सवार होकर आए। पीछे बैठे हमलावर ने अपनी जेब से नीले रंग की ग्रेनेड जैसी वस्तु निकाली, उसका पिन खींचा और पूरी ताकत से बीजेपी कार्यालय की बाउंड्री वॉल के अंदर फेंक दिया। धमाका इतना जबरदस्त था कि पार्किंग में खड़ी कारों के शीशे चकनाचूर हो गए और आसपास के दो स्कूटरों को भारी नुकसान पहुंचा। गनीमत यह रही कि इस कायराना हमले में किसी की जान नहीं गई। वहीं इस हमले का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में हमलावर खुद इस कृत्य को रिकॉर्ड करता दिख रहा है। वह ग्रेनेड फेंकते समय पंजाबी में गालियां दे रहा है और धमाका होते ही अपने साथी के साथ धनास की तरफ भाग निकलता है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हमलावर पंजाब की सीमा में दाखिल हो चुके हैं और उनकी तलाश में छापेमारी जारी है।
वहीं इस धमाके के कुछ ही देर बाद, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट ने हड़कंप मचा दिया। खालिस्तानी आतंकी सुखजिंदर सिंह बब्बर ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे 'भारतीय सिस्टम को संदेश' बताया है। उसने अपनी पोस्ट में कट्टरपंथी भाषा का इस्तेमाल करते हुए लिखा कि 'पंजाब की धरती खालसा की धरती है' और वह इस तरह के हमले जारी रखेगा। साइबर सेल अब इस पोस्ट की प्रमाणिकता की जांच कर रही है।
आपको बता दें इस हमले के पीछे एक बड़ा राजनीतिक एंगल भी सामने आ रहा है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने दावा किया है कि असली निशाना पंजाब बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा थे। अश्वनी शर्मा पिछले दो दिनों से इसी दफ्तर में थे और हमले से महज कुछ घंटे पहले ही दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। गौर करने वाली बात यह है कि 15 दिन पहले ही प्रशासन ने उन्हें आतंकी खतरे की चेतावनी दी थी। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए सिर्फ चंडीगढ़ पुलिस ही नहीं, बल्कि NIA, फॉरेंसिक टीम और पंजाब पुलिस की AGTF ने भी मोर्चा संभाल लिया है। शुरुआती जांच में इसे गन पाउडर से बना 'क्रूड बम' बताया गया था, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद अब एजेंसियां इसे 'ग्रेनेड हमला' मानकर चल रही हैं। पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम और UAPA के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वहीं हमले को लेकर कई राजनीतिक दलों के बयान भी सामने आए हैं।
पंजाब बीजेपी कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा
"यह देशविरोधियों की कायराना हरकत है। बीजेपी न झुकती है, न डरती है। पंजाब सरकार की कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है।"
पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़
"यह राज्य की सांप्रदायिक एकता को तोड़ने की साजिश है। बॉर्डर स्टेट की सरकार इसे रोकने में नाकाम रही है।"
मुख्यमंत्री, भगवंत मान
सीएम भगवंत मान ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि हर चीज के लिए पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराना गलत है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ केंद्र के अधीन है, फिर वहां सुरक्षा में चूक कैसे हुई?
कैप्टन अमरिंदर सिंह
पूर्व मुख्यमंत्री ने घटना पर स्तब्धता जताई और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
आम आदमी पार्टी
पार्टी ने मांग की है कि चंडीगढ़ को पंजाब के हवाले कर देना चाहिए ताकि वहां बेहतर प्रशासन और सुरक्षा दी जा सके।
देखा जाए तो बीजेपी दफ्तर के बाहर हुए इस धमाके ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर देश के सबसे सुरक्षित शहरों में शुमार चंडीगढ़ में आतंकी दिनदहाड़े ग्रेनेड फेंक कर भाग सकते हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा? आतंकी सुखजिंदर सिंह बब्बर की धमकी को सुरक्षा एजेंसियां हल्के में नहीं ले रही हैं। वहीं कल सुबह इसी दफ्तर के बाहर अश्वनी शर्मा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं, जहाँ वे सरकार को घेरेंगे। लेकिन सवाल वही है कि क्या पंजाब एक बार फिर काले दौर की तरफ बढ़ रहा है? क्या इन अलगाववादी ताकतों पर नकेल कसी जाएगी?

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