बैंक की आड़ में 2 करोड़ की चिटफंड ठगी, तुकुम में ‘बीसी’ के नाम पर बड़ा खेल, दंपती फरार
चंद्रपुर - बैंक जैसा भरोसा, ऊंचे मुनाफे का लालच और फिर लाखों की सेंध! तुकुम इलाके में बीसी (चिटफंड) व्यवसाय के नाम पर नागरिकों से करोड़ों की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दुर्गापुर पुलिस स्टेशन ने बैंक की आड़ लेकर निवेशकों को फंसाने वाले दंपती के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
58 लाख 28 हजार की ठगी उजागर, और पुलिस का अंदेशा—कुल गबन 2 करोड़ तक!
गणेश नगर, तुकुम निवासी भीमराव नारायण मेंढे (41) की शिकायत पर 7 जनवरी 2026 को मामला दर्ज हुआ। आरोप है कि मोहम्मद मतीन अब्दुल मजीद शेख और उनकी पत्नी फरहत मतीन शेख ने महेश भवन, तुकुम से खुद को वैध बीसी व्यवसायी बताकर लोगों को निवेश के लिए लुभाया।
5, 10, 15 लाख… ऊंचा रिटर्न, खाली चेक—और विश्वास का जाल
आरोपियों ने ऊंचे प्रतिफल का झांसा देकर बड़ी रकम स्वीकार की। शिकायतकर्ता मेंढे ने जनवरी 2022 से अप्रैल 2024 के बीच 12 लाख 21 हजार रुपये नकद देने की बात कही है। भरोसा जीतने के लिए निवेशकों को विभिन्न बैंकों के खाली चेक थमाए गए—लेकिन बीसी नंबर मिलते ही रकम लौटाने में टालमटोल शुरू हो गई।
ऑनलाइन-नकद लेनदेन के पुख्ता सबूत
जांच में सामने आया कि कई निवेशकों ने PhonePe, Google Pay और बैंक खातों के जरिए रकम दी। गवाहों ने ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड सौंपे हैं, जिससे ठगी की परतें खुलती जा रही हैं।
खेत बेचने का वादा… और फिर फरारी!
जब निवेशकों ने पैसा मांगा तो आरोपियों ने खेत बेचकर भुगतान का वादा किया—लेकिन शिकायत के मुताबिक दोनों घर छोड़कर फरार हो गए। रिश्तेदारों से पूछताछ में भी यही सामने आया कि वे भुगतान का भरोसा देकर गायब हो चुके हैं।
धाराएं सख्त, जांच EOW के हवाले
प्रारंभिक जांच में 4 गवाहों के आधार पर 58.28 लाख की ठगी प्रमाणित हुई है, जबकि 13 और गवाहों के बयान दर्ज होना बाकी हैं—इसीलिए कुल राशि 2 करोड़ तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने IPC/बीएनएस की धारा 34, 406, 409, 420 और जमा संरक्षण अधिनियम की धारा 3 के तहत केस दर्ज कर आर्थिक अपराध शाखा को जांच सौंप दी है।
बड़ा सवाल: क्या यह अकेला मामला है या शहर में चल रहा है ठगी का पूरा नेटवर्क?
पुलिस की तलाश जारी—अगला खुलासा कभी भी!
संवाददाता गौतम मंडल की रिपोर्ट


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