बाघ के हमले में बकरियां चराने वाला चरवाहा मौत का शिकार

चिमूर : तलोधी वनपरिक्षेत्र अंतर्गत मोटेगांव के जंगल क्षेत्र में रविवार सुबह बाघ के हमले में बकरियां चराने गए दिलीप जानबा ननावरे उम्र 45 की मौत हो गई। घटना कक्ष क्रमांक 38 में सुबह करीब 10 बजे घटी।

जानकारी के अनुसार, दिलीप ननावरे रोज की तरह बकरियां चराने जंगल गए थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे पट्टेदार बाघ ने उन पर हमला कर दिया। बाघ ने उन्हें मारकर शव को लगभग 500 मीटर दूर जंगल में घसीट लिया। घटना के समय साथ की बकरियां भागकर घर लौट आईं, लेकिन ननावरे घर नहीं पहुंचे। परिजनों द्वारा तलाश करने पर उनके फटे कपड़े और बाद में जंगल में शव मिला, जिससे घटना का खुलासा हुआ। मिली जाणकारी के अनुसार, सुबह इसी क्षेत्र में कुछ लोगों ने बाघ को देखा था। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची तथा पंचनामा कर चिमूर उपजिल्हा रुग्णालय मे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मृतक के परिवार में पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री हैं। घटना से मोटेगांव परिसर में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने बाघ का तत्काल बंदोबस्त करने की मांग की है। वन विभाग ने मृतक के परिजनों को तत्काल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। शेष मुआवजा राशि नियमानुसार जल्द दिए जाने की जानकारी विभाग ने दी है।

रिपोर्टर : एयफ़ाज उर्फ गोलू पठान

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