नीम हकीम खतरे जान झोलाछाप क्लिनिक संचालक ने लेली एक मासूम की जान
चतरा : लावालौंग थाना क्षेत्र के लमटा पंचायत अंतर्गत कसियाडीह गांव के 19 वर्षीय छोटू भारती की इलाज के दौरान मौत हो गई।परिजनों ने आतमपुर गांव में संचालित एक झोलाछाप चिकित्सक पर गलत तरीके से इलाज करने का आरोप लगाया है।वहीं प्रशासन ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।मृतक की बहन लक्ष्मी और परिजनों के अनुसार छोटू भारती रविवार को दिनभर अपने खेत में काम किया, की अचानक उसे सोमवार की सुबह उसे हल्का पेट दर्द हुआ। इसके बाद परिजन तथा गांव लोग उसे इलाज के लिए आतमपुर गांव स्थित निजी क्लीनिक में कुलेंद्र कुमार के पास ले गए।आरोप है कि वहां मरीज को तीन इंजेक्शन लगाने के साथ साथ दो बोतल सलाइन भी कुलेन्द्र के द्वारा चढ़ाया गया। काफी देर बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने और हालत बिगड़ने पर भी उसे छुट्टी नहीं देने के बाद गांव के कुछ लोगों के द्वारा फटकार लगाने के बाद कुलेन्द्र मरीज को जाने दिया। इसके बाद परिजन उसे वहां से सदर अस्पताल,चतरा ले गए। सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल हजारीबाग मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया,जहां पूर्व में ही स्थिति काफी बिगड़ जाने के कारण उसकी मौत हो गई।इस संबंध में पूछे जाने पर आरोपी चिकित्सक कुलेंद्र कुमार ने बताया कि उसने केवल प्राथमिक उपचार किया था। उसने कहा कि मरीज की स्थिति को देखते हुए दो बोतल सलाइन चढ़ाई थी,लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई तो मैं क्या करूं।वहीं,सिमरिया रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. बी.एन. प्रसाद ने कहा कि आतमपुर में अवैध क्लिनिक संचालन का मामला संज्ञान में आया है और जांच के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकेगा। इधर,अंचल अधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी विपिन कुमार भारती ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। परिजनों से आवेदन प्राप्त होते ही नियमानुसार जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।युवक की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतक की बहन लक्ष्मी और परिजनों ने कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की आगे की जांच के बाद ही मौत के कारण और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पूर्व आठ माह की गर्भवती युवती जो बिना ब्याही थी उसका गर्भपात कुलेन्द्र ने करवाया था।गर्भाशय में मांस के अवशेष बच जाने के कारण कुछ दिनों तक मांस सड़ कर निकलने का प्रक्रिया जारी था।काफी मशक्कत के बाद युवती की जान बचाई गई थी।वहीं आतमपुर के ही एक दलित जाति के व्यक्ति का इंजेक्शन लगाने से मौत का मामला भी सामने आया है।ग्रामीणों के अनुसार तीन भाइयों में सबसे छोटा छोटू ही अपनी दो बहनों और मां का सहारा था।छोटू की मौत के बाद एक तरह से उसका परिवार ही उजड़ गया है।छोटी बहनों की परवरिश उनका विवाह और बुढ़ापे मैं उसकी मां का देखभाल करने वाला कोई नहीं रहा।
रिपोर्टर : मो0 साजिद
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