हेडुम में सोलर प्लांट से 240 बैटरियां गायब, नौ लाख में बेचने का आरोप

चतरा : लावालौंग थाना क्षेत्र के हेडुम गांव के पंचायत भवन के समीप जरेडा कंपनी द्वारा लगाए गए सोलर प्लांट के स्टोर रूम से 240 बैटरियां और अन्य उपकरण गायब होने का मामला प्रकाश में आया है।ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्लांट से बड़ी संख्या में बैटरियों एवं अन्य उपकरणों को चोरी-छिपे निकालकर बेच दिया गया है। मामले को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।वरिष्ठ नेता कामख्या सिंह भोक्ता ने प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और गायब सामग्रियों की बरामदगी की मांग की है।

कामख्या सिंह भोक्ता ने बताया कि सोलर प्लांट की देखरेख की जिम्मेदारी कंपनी की ओर से गांव के ही पवन तुरी को दी गई थी।वहीं प्लांट के ठीक सामने गांव निवासी अजीत यादव का घर होने और सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्टोर रूम की चाबी अजीत यादव को सौंपी गई थी।जानकारी के अनुसार करीब 15 दिन पूर्व स्टोर रूम से सभी 240 बैटरियां और अन्य उपकरण रातोंरात गायब हो गए।शुरू में मामले की जानकारी सीमित लोगों तक ही थी,लेकिन धीरे-धीरे गांव में कानाफूसी शुरू हुई और बात ग्रामीणों के साथ-साथ गांव के गणमान्य लोगों तक पहुंच गई। इसके बाद मामला तूल पकड़ने लगा।ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में बैटरियों और उपकरणों को निकालना किसी एक व्यक्ति के बस की बात नहीं है। 240 बैटरियों को खोलने और हटाने में काफी समय लगने के साथ-साथ बड़ी गाड़ी की भी आवश्यकता होगी। ग्रामीणों का अनुमान है कि इतनी मात्रा में बैटरियों को निकालने में कम से कम 10 घंटे का समय लग सकता है।
मामले को लेकर ग्रामीणों के बीच यह भी चर्चा है कि गांव के ही कुछ लोगों ने कथित तौर पर बैटरियों और अन्य उपकरणों को बेच दिया।कुछ ग्रामीणों और गुप्त सूत्रों के हवाले से यह बात भी सामने आई है कि चोरी की घटना को अंजाम देने से पहले गांव के चार लोगों ने चटनियां बाबा के यहां मन्नत मांगी थी। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा है कि सामग्री बेचने में सफलता मिलने पर बलि दी जाएगी।
ग्रामीणों के अनुसार घटना के बाद कथित तौर पर सामग्री करीब नौ लाख रुपए में बेची गई।इसके बाद चटनियां बाबा के यहां खस्सी की बलि दिए जाने की भी चर्चा है।हालांकि, इन आरोपों और चर्चाओं की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।मामले की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकेगी।कथित विवाद के बाद मामला खुलने की चर्चा
ग्रामीणों के बीच यह भी चर्चा है कि घटना में कथित रूप से शामिल लोगों के बीच बाद में विवाद हो गया।बताया जा रहा है कि बलि के लिए खस्सी को लेकर किसी व्यक्ति की नाराजगी के बाद उसने मामले से जुड़ी बातें गांव में बतानी शुरू कर दीं।इसके बाद धीरे-धीरे पूरे मामले की चर्चा गांव में फैल गई।
मामले में जब प्लांट की देखरेख की जिम्मेदारी संभाल चुके पवन तुरी से जानकारी ली गई तो उन्होंने खुद को मामले से अलग बताते हुए कहा कि वह करीब दो वर्ष पहले ही काम छोड़ चुके हैं।उनका कहना है कि वर्तमान में प्लांट की देखरेख से उनका कोई संबंध नहीं है।वहीं स्टोर रूम की चाबी अपने पास होने की बात स्वीकार करते हुए अजीत यादव ने कहा कि चाबी उनके पास है,लेकिन बैटरियां और अन्य उपकरण कैसे गायब हुए,इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।ग्रामीणों का आरोप है कि सोलर प्लांट अजीत यादव के घर के ठीक सामने स्थित है।ऐसे में प्लांट परिसर में होने वाली किसी भी गतिविधि की जानकारी आसपास के लोगों को आसानी से हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में बैटरियों को खोलकर वाहन में लादकर ले जाने की प्रक्रिया में काफी समय लगा होगा।इसी आधार पर ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद किसी को भनक कैसे नहीं लगी। ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी गाड़ी के बिना 240 बैटरियों और अन्य उपकरणों को ले जाना संभव नहीं है। हालांकि, इन सवालों और आरोपों की जांच होना अभी बाकी है।
वरिष्ठ नेता कामख्या सिंह भोक्ता ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सोलर प्लांट की सामग्री सार्वजनिक उपयोग और गांव की सुविधा से जुड़ी है। इसलिए मामले में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से गायब सभी 240 बैटरियों एवं अन्य उपकरणों की बरामदगी सुनिश्चित करने की भी मांग की है। साथ ही पूरे मामले में प्लांट की सुरक्षा, चाबी की जिम्मेदारी और देखरेख से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच करने की बात कही।इधर मामले की जानकारी जरेडा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद उन्होंने भी पूरे मामले को गंभीरता से लेने और आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन और कंपनी की जांच पर टिकी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सोलर प्लांट से 240 बैटरियां और अन्य उपकरण किन परिस्थितियों में गायब हुए और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

रिपोर्टर : मो0 साजिद

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