जमीन खरीद-बिक्री में पैसे के लेनदेन और रजिस्ट्री में लेट-लतिफी नें दो दोस्तों को बना दिया जानी दुश्मन..?
चतरा : विगत 28 दिसंबर की आधी रात चतरा जिले के कुंदा थाना क्षेत्र में घटित चर्चित गेंदरा गोलीकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। घटना के बाद एसपी सुमित कुमार अग्रवाल द्वारा सिमरिया एसडीपीओ शुभम खंडेलवाल के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने मामले का उदभेदन करते हुए गोलीकांड में शामिल लावालौंग थाना क्षेत्र के पुरनाडीह गांव निवासी मोहन कुमार नामक अपराधी को गिरफ्तार किया है। साथ ही गिरफ्तार अपराधी के पास से घटना में प्रयुक्त एक अवैध देसी कट्टा, 0.315 बोर का एक गोली, घटना में प्रयुक्त बजाज पल्सर मोटरसाइकिल व एक मोबाइल फोन जप्त किया है। एसपी के अनुसार श्याम और देवेंद्र के बीच जमीन खरीद-बिक्री व पैसे के लेनदेन को लेकर चल रहे पुरानी रंजिश में गिरफ्तार मोहन घटना के दिन देसी कट्टा लेकर गेंदरा गांव निवासी श्याम भोक्ता के घर उसकी हत्या करने अपने साथियों के साथ पहुंचा था। लेकिन हमले के बाद आत्मरक्षार्थ ग्रामीणों और परिजनों द्वारा किये गए हमले में मोहन को साथ लेकर गए देवेंद्र गंझु और चुरामन गंझु की ही मौके पर मौत हो गई थी। जिसके बाद मोहन व अन्य अपराधी मौके से भाग गए थे। पुलिस नें घटनास्थल से दो देसी कट्टा, 0.315 बोर का 3 और 7.65 एमएम का 4 गोली के अलावा 0.315 बोर का एक खोखा बरामद किया था।
खुद के षड़यंत्र में चली गई देवेंद्र की जान
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि 28 दिसंबर की आधी रात कुंदा थाना क्षेत्र के गेंदरा गांव में श्याम भोक्ता के घर हथियारबंद अपराधियों द्वारा जानलेवा हमला किया गया था। इस हमले में श्याम भोक्ता एवं उसके साले गोपाल गंझु को अपराधियों नें गोली मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों नें आत्मरक्षार्थ हमलावरों पर ही हमला बोल दिया था। इस दौरान हमलावरों और ग्रामीणों के बीच हुए खुनी झड़प में देवेंद्र गंझु और उसका साथी चुरामन गंझु मौके पर ही मारा गया था। वहीं उसके छह अन्य साथी मौके से हथियार के साथ भाग निकले थे। इसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल श्याम और उसके साला गोपाल को ईलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। वहीं घटना में प्रयुक्त हमलावरों का दो अवैध देसी कट्टा, 0.315 बोर का 3 जिंदा कारतूस, 7.65 एमएम का चार जिंदा कारतूस और 0.315 बोर का एक खोखा बरामद किया था।
मास्टरमाइंड के मौत के बाद अन्य साथी मौके से हुए रफूचक्कर
एसपी ने बताया कि घटना के बाद सिमरिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शुभम कुमार खंडेलवाल के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक सिमरिया सनोज कुमार चौधरी, कुंदा थाना प्रभारी प्रिंस कुमार सिंह, लावालौंग थाना प्रभारी प्रशांत कुमार मिश्रा व कुंदा थाना के एसआई विक्रम कुमार समेत सशस्त्र बल की संयुक्त टीम बनाकर गोलीकांड के खुलासे को लेकर एसआईटी का गठन किया गया था। एसपी नें बताया कि एसआईटी नें त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल मोहन कुमार नामक अपराधी को गिरफ्तार किया है। मोहन की गिरफ्तारी लावालौंग थाना क्षेत्र के पुरनाडीह गांव से हुई है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार मोहन के निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक अवैध देसी कट्टा, 0.315 बोर का एक जिंदा कारतूस व घटना में प्रयुक्त बजाज पल्सर मोटरसाइकिल व एक मोबाइल फोन भी जप्त किया गया है। एसपी के अनुसार श्याम भोक्ता के घर हुए गोलीकांड की घटना में मोहन भी शामिल था। मोहन को देवेंद्र गंझू ही हथियार उपलब्ध कराकर श्याम की हत्या के उद्देश्य से अपने साथ गेंदरा गांव लेकर गया था। लेकिन देवेंद्र और चुरामन के साथ ग्रामीणों और परिजनों के हुए खुनी झड़प में देवेंद्र और चुरामन की ही मौत के बाद मोहन व उसके अन्य साथी मौके से भाग गए थे।
फरार अपराधियों की हो गई पहचान : एसपी
एसपी ने बताया कि घटना में मारे गए देवेंद्र गंझु और गेंदरा गांव निवासी श्याम भोक्ता के बीच जमीन खरीद-बिक्री और पैसे के लेनदेन के साथ-साथ रजिस्ट्री में लेट लतिफी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। श्याम देवेंद्र से पैसे लेकर जमीन की रजिस्ट्री नहीं कर रहा था। इसके बाद नाराज देवेंद्र ने अपने साथी चुरामन और मोहन के अलावे पांच अन्य लोगों के साथ मिलकर श्याम भोक्ता की हत्या की साजिश थी। और इसी षड्यंत्र के तहत 28 दिसंबर की आधी रात हथियार से लैस देवेंद्र ने अपने साथियों के साथ श्याम भोक्ता के घर पर हमला बोल दिया था। एसपी ने बताया कि देवेंद्र और उसके साथियों का टारगेट श्याम भोक्ता ही था। लेकिन घर में घुसते ही श्याम का साला गोपाल गंझु देवेंद्र के साथियों को मिल गया। गोपाल को ही श्याम समझ कर देवेंद्र के साथ घटना में शामिल उसके साथियों ने गोली मार दी। इसके बाद उन्हें और देवेंद्र को घर में श्याम भी नजर आ गया, जिसके बाद अपराधियों नें श्याम को भी गर्दन में गोली मार दी। एसपी नें बताया कि इसके बाद घर के अन्य परिजनों और ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाकर हमलावर देवेंद्र, चुरामन व मोहन की टीम पर ही हमला बोल दिया। इस हमले में परिजनों ने देवेंद्र और उसके साथी चुरामन को मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया था। एसपी ने बताया कि हमले में घायल श्याम भोक्ता और मारे गए देवेंद्र गंझु का पुराना अपराधिक इतिहास रहा है। यह दोनों लंबे समय तक प्रतिबंधित टीएसपीसी नक्सली संगठन में सक्रिय रहे हैं, और दोनों एक ही दस्ते में घूमते थे। देवेंद्र के विरुद्ध चतरा और गया के अलग-अलग थानों में 18 व घायल श्याम भोक्ता के विरुद्ध चार मामले दर्ज हैं। श्याम जिले के चर्चित टेरर फंडिंग मामले की जांच कर रहे राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए का भी अभियुक्त है। फिलहाल उसका इलाज रिम्स में चल रहा है और वह खतरे से बाहर है। एसपी ने बताया कि घटना में शामिल अन्य अपराधियों की पहचान कर ली गई है, जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
रिपोर्टर : लक्की

No Previous Comments found.