बीस हजार रूपए नहीं दिया तो साहब कर दिए मोटरसाइकल का चालान,विनती करते रहे पीड़ित
लावालोंग - थाना क्षेत्र के रिमी पंचायत स्थित झरदाग गांव की एक गरीब महिला ने थाना के एसआई एवं कम्प्यूटर आपरेटर के ऊपर मोटी रकम की मांग करने का आरोप लगाया है। उक्त विषय की जानकारी देते हुए रिमी पंचायत स्थित झरदाग गांव निवासी मालती देवी ने बताया कि मेरे पति संजय यादव लावालौंग के एक सीमेंट दुकान में दैनिक मजदूरी करते हैं।दस माह पूर्व मैंने गांव से लावालौंग आने जाने में दिक्कत होने के कारण फाइनेंस पर एक मोटरसाइकल खरीदा। इसके तुरंत बाद ही मेरे जमाई का तबियत काफी खराब हो गया। जिसका इलाज हमें ही करवाना पड़ा।इसके बावजूद भी सात महीने की लंबी बिमारी के बाद मेरे जमाई की मृत्यु हो गई।इसके बाद हमने दुबारा अपनी पुत्री का विवाह किया।जिसके कारण मैं और मेरे पति काफी कर्ज में डूब गए।और मोटरसाइकल का रजिस्ट्रेशन नहीं करवा सके।एक सप्ताह पूर्व मेरे पति मोटरसाइकल से दूध पहुंचाने के लिए बाजार टांड़ जा रहे थे।इसी दौरान थाना के बाहर एसआई नवीन कुमार और कम्प्यूटर आपरेटर विक्रम कुमार रोककर कहने लगे कि नंबर प्लेट नहीं है रजिस्ट्रेशन नहीं है इसका मतलब गाड़ी चोरी का है। सूचना पाकर मैं थाना पहुंचकर अपने उक्त स्थिति को बताते हुए उचित जांच पड़ताल करने का बेहद अनुनय-विनय किया।परंतु दोनों मुझे ही धमकाने लगे कि पोस्ता का धंधा करती है जेल भेज देंगे।मैंने मोटरसाइकल में रखे गाड़ी के कागजात निकालने की बात कही तो मुझे कड़ी फटकार लगाकर बाहर भेज दिया।इसके बाद पुनः विनती करने गई तो विक्रम कुमार के द्वारा बीस हजार रुपए देकर गाडी ले जाने की बात कही गई।उन्होंने बताया कि नवीन सर का ये आदेश है।इसके बाद मैंने स्वयं नवीन कुमार से बात करके बिक्रम कुमार के द्वारा कही गई बातों को उनके समक्ष रखा। इसपर उन्होंने भी कहा कि हां पैसा तो देना पड़ेगा और नहीं तो बीस हजार रुपए के चालान के चपेट में डाल देंगे फिर दौड़ते रहना।इसके बाद मैंने पैसों का इंतजाम करने के लिए दो दिन भटकते रही इसके बाद जब शुक्रवार को थाना पहुंची तो वहां बोला गया कि एक साल तक तुम्हारा इंतज़ार करते रहेंगे पैसा लेकर आने का क्या।जाओ गाड़ी का चालान कर दिया गया है। मालती देवी ने बताया कि मेरी स्थिति को ना देखते हुए पुलिस के द्वारा पैसों के कारण ऐसा करने से मैं और मेरे पति बेहद आहत हैं। इधर विधायक एवं सांसद प्रतिनिधि जितेन्द्र ठाकुर ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि पैसों के लिए पुलिस के द्वारा गरीबों को नाहक में फंसाकर परेशान किया जाना आपराधिक सोंच को दर्शाता है।पुलिस को अपने रवैए में सुधार करना चाहिए।इधर एसआई नवीन कुमार से पुछे जाने पर उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रेशन नहीं रहने के कारण चालान किया गया है।पैसों की बात करने का आरोप बेबुनियाद है।
रिपोर्टर - साजिद


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