लावालौंग थाना क्षेत्र में नाबालिग बाइक चालकों पर सवाल, सोहावना मोड़ पर भीषण सड़क हादसा
लावालौंग : थाना क्षेत्र अंतर्गत सोहावना मोड़ एक बार फिर सड़क दुर्घटना का गवाह बना। बुधवार को दसवीं कक्षा का एक विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा दे कर कोलकोले की ओर जा रहा था। इसी दौरान सोहावना मोड़ के पास भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें विद्यार्थी गंभीर रूप से घायल हो गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि छात्र का एक पैर टूट गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए 108 एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद घायल छात्र को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।फिलहाल छात्र की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।इस घटना ने एक बार फिर नाबालिग बच्चों द्वारा बाइक चलाने के गंभीर मुद्दे को सामने ला दिया है। सवाल यह उठता है कि आखिर इन नाबालिग बच्चों के हाथों में बाइक की चाबी थमाने के पीछे जिम्मेदार कौन है? अभिभावक स्वयं अपने बच्चों को बाइक सौंप रहे हैं, जबकि कानूनन यह अपराध की श्रेणी में आता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि लावालौंग थाना क्षेत्र में आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। सड़कों पर खुलेआम नाबालिग बच्चों को बाइक चलाते देखा जा रहा है, इस पर अभिभावक जरा सा भी ध्यान और गंभीरता नहीं दिखाई देते हैं। सोहावना मोड़ जैसे खतरनाक स्थानों पर न तो पर्याप्त संकेतक लगे हैं और न ही यातायात नियंत्रण की व्यवस्था है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।अब बड़ा सवाल यह है कि इन घटनाओं की जिम्मेदारी कौन लेगा—अभिभावक, पुलिस प्रशासन या परिवहन विभाग? यदि समय रहते नाबालिग बाइक चालकों पर सख्ती नहीं की गई, तो भविष्य में ऐसे हादसे और भी मासूम जिंदगियों को खतरे में डाल सकते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर नाबालिग वाहन चालकों पर कार्रवाई की जाए और अभिभावकों को भी जागरूक किया जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
रिपोर्टर : मो0 साजिद


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