लावालौंग में यूरिया खाद की कालाबाजारी से किसान परेशान, 266 की खाद 420 रुपये में बिकने का आरोप
लावालौंग : प्रखण्ड में खरीफ सीजन के अहम दौर में लावालौंग प्रखंड के किसान यूरिया खाद की किल्लत और कथित कालाबाजारी से परेशान हैं। किसानों का आरोप है कि सरकार द्वारा निर्धारित 266 रुपये प्रति बोरी की यूरिया खाद प्रखण्ड में अधिकतर दुकानों पर 420 रुपये तक बेची जा रही है। इससे खेती की लागत बढ़ गई है और किसान मजबूरी में अधिक कीमत चुकाने को विवश हैं।किसानों का कहना है कि धान सहित अन्य खरीफ फसलों में इस समय यूरिया की सबसे अधिक जरूरत होती है। समय पर उचित मूल्य पर खाद नहीं मिलने से फसल उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ खाद विक्रेता किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर मनमाने दाम वसूल रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, नियमित जांच अभियान चलाने तथा निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।किसानों का कहना है कि सरकार खाद पर सब्सिडी किसानों के हित में देती है, लेकिन यदि निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध नहीं होगी तो इसका लाभ किसानों तक नहीं पहुंच पाएगा।उन्होंने सभी लाइसेंसधारी दुकानों पर मूल्य सूची प्रदर्शित कराने और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने की भी मांग की है।इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी बिपिन भारती ने बताया कि प्रखंड के विभिन्न स्थानों से शिकायत मिली है। ।शिकायत की जांच कराई जाएगी और यदि कोई दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलते हुए दोषी पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा आवश्यक होने पर लाइसेंस भी रद्द किया जाएगा।प्रशासन के इस आश्वासन के बाद किसानों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
रिपोर्टर : मो0 साजिद
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