चौपारण के होनहार सीए छात्र निशांत का रांची में हृदयाघात से निधन

हजारीबाग : चौपारण प्रखंड अंतर्गत इंगुनिया गांव निवासी रणधीर सिंह के 21 वर्षीय पुत्र एवं होनहार सीए छात्र निशांत का गुरुवार सुबह रांची में अचानक हृदयाघात से निधन हो गया। यह दुखद घटना सुबह लगभग 8 बजे की बताई जा रही है। जिस उम्र में युवा अपने सपनों को उड़ान देते हैं, उसी उम्र में निशांत का जीवन अचानक थम गया। मिली जानकारी के अनुसार, निशांत प्रतिदिन की तरह गुरुवार सुबह अपने दोस्तों के साथ टहलने के लिए मैदान गया था। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह जमीन पर गिर पड़ा। साथियों ने तत्काल उसे रांची के फिरायालाल चौक स्थित सेंट वीटा हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। निशांत ने हाल ही में सीए फाइनल ईयर में दाखिला लिया था और महज दो दिन पूर्व ही एक निजी कार्यालय में नौकरी जॉइन की थी। परिवार और गांव को उससे बड़ी उम्मीदें थीं। उसकी मेहनत रंग लाने ही वाली थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

निशांत अत्यंत गरीब और संघर्षशील परिवार से ताल्लुक रखता था। उसके पिता रणधीर सिंह रांची में एक कपड़ा दुकान में मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते थे। उन्होंने अपनी जरूरतों को दरकिनार कर बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। निशांत पढ़ाई में इतना मेधावी था कि विद्यालय से लेकर कॉलेज तक प्रायः हर कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करता रहा। शिक्षक उसे अनुशासन, सादगी और प्रतिभा का प्रतीक मानते थे।

परिवार के दादा सद्गुण सिंह एवं चाचा सुजीत सिंह आज भी खेतों में मेहनत कर जीवन यापन करते हैं। निशांत को पूरे परिवार के भविष्य की उम्मीद माना जा रहा था। उसकी असमय मृत्यु ने न सिर्फ एक होनहार छात्र को छीना, बल्कि एक गरीब परिवार से उसका सबसे बड़ा सहारा भी छीन लिया।

जैसे ही निशांत के निधन की खबर इंगुनिया गांव पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन गहरे सदमे में हैं, वहीं ग्रामीणों और शुभचिंतकों की आंखें नम हैं। हर कोई यही कहता नजर आया कि “मुंह तक आया निवाला छिन गया”—एक उज्ज्वल भविष्य समय से पहले बुझ गया। निशांत की यादें, उसका संघर्ष और उसके अधूरे सपने लंबे समय तक गांव और परिवार के दिलों में जिंदा रहेगा।

रिपोर्टर - अमित सिंह

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