बुजुर्गों का सम्मान हमारी संस्कृति की पहचान, दुर्व्यवहार मानवाधिकार का उल्लंघन: मुकुंद साव

चौपारण : विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन के झारखंड प्रदेश प्रभारी, सामाजिक न्याय मंच के पुरोधा एवं सांसद प्रतिनिधि मुकुंद साव ने प्रेस बयान जारी कर समाज से वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आए दिन ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जिनमें बुजुर्ग माता-पिता को प्रताड़ित किया जाता है, घर से निकाल दिया जाता है या उनकी उपेक्षा की जाती है। कई मामलों में उन्हें समय पर भोजन, दवा और आवश्यक देखभाल तक नहीं मिल पाती। यह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि समाज के लिए भी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।मुकुंद साव ने कहा कि विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों के साथ होने वाले शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण के खिलाफ लोगों को जागरूक करना तथा उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के साथ मारपीट करना, उन्हें अपमानित करना, धमकाना, सामाजिक रूप से अलग-थलग करना, उनकी संपत्ति या पेंशन का दुरुपयोग करना तथा उनकी मूलभूत आवश्यकताओं की अनदेखी करना गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन की श्रेणी में आता है।उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में समर्पित किया है। ऐसे में उनका सम्मान करना और उन्हें गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने लोकसभा क्षेत्र के सभी बुजुर्गों के योगदान की सराहना करते हुए उनके सम्मानजनक जीवन की वकालत की। वहीं बरही विधायक मनोज कुमार यादव ने समाज निर्माण में बुजुर्गों की भूमिका को अतुलनीय बताते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
ग्राम पंचायत झापा की पूर्व मुखिया पूर्णिमा देवी ने भी वरिष्ठ नागरिकों को समाज की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उनके अनुभव और मार्गदर्शन से नई पीढ़ी को दिशा मिलती है। उन्होंने लोगों से बुजुर्गों के सम्मान और देखभाल को अपनी प्राथमिकता बनाने की अपील की।अंत में सांसद प्रतिनिधि मुकुंद साव ने कहा कि यदि प्रत्येक परिवार अपने बुजुर्गों को सम्मान, स्नेह और सुरक्षा प्रदान करे, तो समाज में बुजुर्गों के प्रति होने वाले दुर्व्यवहार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने लोगों से बुजुर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक और संवेदनशील बनने का आह्वान किया।

रिपोर्टर : मुकेश सिंह 

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