किसानों के साथ अन्य पर सरकार की चुप्पी, गिरदावरी और ऑनलाइन गड़बड़ी से बढ़ी किसानों की परेशानी - (विष्णु लोधी)
डोंगरगढ : जिले के किसानों की गिरदावरी संबंधी समस्याओं का अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। किसान आज भी अपनी फसल विवरण और ऑनलाइन पोर्टल की गड़बड़ियों से जूझ रहे हैं। विगत 30 सितंबर 2025 से गिरदावरी, बी-1, खसरा पी-2 तथा फसल विवरण जैसे सभी ऑनलाइन पोर्टल लॉक कर दिए गए हैं, जिसके कारण न तो किसान अपनी जानकारी अपडेट कर पा रहे हैं और न ही पटवारी किसी प्रकार का सुधार कर पा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ लोधी समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता विष्णु लोधी ने कहा कि यह स्थिति सरकार की असंवेदनशीलता और किसानों के प्रति उपेक्षा को दर्शाती है। सरकार की मंशा किसानों का धान खरीदने की नहीं है, बल्कि उन्हें उलझाकर परेशान करने की है। किसानों की मेहनत की अनदेखी कर सरकार ने यह साबित कर दिया है कि उसकी कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। विष्णु लोधी ने सवाल उठाया कि जब हर बार ऑनलाइन पोर्टल में एक बार सब कुछ ठीक कर दिया जाता है, तो धान खरीदी के समय ही खसरा से फसल विवरण गायब क्यों हो जाता है? क्या यह तकनीकी गलती है या जानबूझकर सरकार और एनआईसी किसानों को भ्रमित कर रहे हैं? उन्होंने आगे कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने पहले ही किसानों का धान 186 रुपए कम दर में खरीदने का निर्णय लेकर उनका हक छीना है। जबकि किसानों की धान फसल का समर्थन मूल्य में 186 रूपए वृद्धि हो चुकी है तो उपज का वास्तविक मूल्य ₹3,286 प्रति क्विंटल तय होना चाहिए, जो किसानों का हक और अधिकार है। लेकिन वास्तविकता यह है कि उस बढ़े हुए दर से किसानों का धान खरीदा ही नहीं जा रहा है। किसानों का धान 3100 रूपए में खरीदने की बात कह रही है,यह किसानों के साथ खुला अन्याय है और उनकी मेहनत का अपमान है।
विष्णु लोधी ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में किसानों की हितैषी है,तो किसानों का धान 3286 में खरीदी करें और तुरंत सभी पोर्टल को “हैप्पी मोड” में खोलना चाहिए ताकि पटवारी किसानों की प्रविष्टियों को सुधार सकें। यदि यह एनआईसी की गलती है तो उसे तत्काल तकनीकी सुधार करना चाहिए। विष्णु लोधी ने बताया कि जिले में आज भी अनेक किसान ऐसे हैं जिनका एग्रीस्टेक पोर्टल में रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, जिससे वे धान खरीदी की प्रक्रिया से वंचित हैं। यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है।
विष्णु लोधी की मुख्य माँगें:
1. गिरदावरी, पी-1, खसरा पी-2 और फसल विवरण पोर्टल को तुरंत अनलॉक किया जाए।
2. जिन किसानों की प्रविष्टि अधूरी है या गायब है, उनके सुधार कार्य को तत्काल प्रारंभ किया जाए।3. एग्रीस्टेक पोर्टल में लंबित किसानों का रजिस्ट्रेशन तुरंत कराया जाए। 4. धान खरीदी से पहले सभी तकनीकी पोर्टल को स्थायी रूप से दुरुस्त रखा जाए ताकि किसानों को बार-बार परेशानी न हो। 5. जिन किसानों की फसल गिरदावरी में दर्ज नहीं हुई है, उनके लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएँ।
6. पटवारियों को यह अधिकार दिया जाए कि वे किसानों की वास्तविक स्थिति के अनुसार सुधार दर्ज कर सकें।
7. सरकार ₹3,286 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी सुनिश्चित करे।
8. समर्थन मूल्य में वृद्धि का लाभ किसानों तक वास्तविक रूप में पहुँचे।
9. इस समस्या के लिए एनआईसी और कृषि विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
वही विष्णु लोधी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार किसानों की इन जायज माँगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं करती है, तो जिलेभर के किसान एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि —
किसानों की लड़ाई मैं हर स्तर पर लडूंगा, क्योंकि किसान की मेहनत ही देश की ताकत है और उसका सम्मान होना चाहिए।
रिपोर्टर : महेन्द्र शर्मा
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