करंट का जाल बना काल, अवैध शिकार में युवक की मौत

सरगुजा : सरगुजा जिले के मैनेपाट वन परिक्षेत्र से अवैध शिकार का एक खतरनाक मामला सामने आया है, जहां करंट के जाल में फंसकर एक युवक की मौत हो गई। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैनेपाट परिक्षेत्र के बंदना परिसर अंतर्गत कक्ष क्रमांक पी-2355 (स्थानीय नाम बड़ेरा जंगल) में एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान मिसर यादव (पिता- कांशी यादव), निवासी ग्राम मुड़गिडीह के रूप में हुई है। घटनास्थल पर एक सियार का शव भी मिला, जिससे स्पष्ट हुआ कि करंट का जाल वन्यजीवों के अवैध शिकार के लिए बिछाया गया था।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने करीब 1300 मीटर लंबा जीआई तार 11 केवी विद्युत लाइन से जोड़कर मड़ियाकोंना से घटना स्थल तक फैला रखा था। यह जाल बेहद खतरनाक तरीके से लगाया गया था, जिससे इंसान और वन्यजीव दोनों की जान खतरे में पड़ गई।

वन विभाग की कार्रवाई
वनमंडलाधिकारी सरगुजा के निर्देश एवं उपवनमंडलाधिकारी सीतापुर के मार्गदर्शन में परिक्षेत्र अधिकारी मैनेपाट एवं वन अमले ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान 6 आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में जहर (70 वर्ष), जयपाल (45 वर्ष), निर्मल कुजूर (65 वर्ष), घुरसाय (38 वर्ष), विश्वनाथ (46 वर्ष) और श्यामसुंदर (25 वर्ष) शामिल हैं। सभी आरोपी अलग-अलग गांवों के निवासी हैं और अवैध शिकार की साजिश में शामिल थे।

बरामदगी व कार्रवाई
घटना स्थल से करंट युक्त तार, लोहे की खूंटियां एवं मृत सियार को जब्त किया गया है। वन विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कमलेश्वरपुर थाना में प्रस्तुत किया।
आरोपियों के विरुद्ध भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधित 2002) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि अवैध शिकार के लिए बिजली करंट का उपयोग न केवल वन्यजीवों के लिए, बल्कि मानव जीवन के लिए भी अत्यंत घातक साबित हो रहा है।

रिपोर्टर : रिंकु सोनी

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