धान खरीदी केंद्र को लेकर किसानों में आक्रोश, 24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
खैरागढ़ : धान खरीदी केंद्र को लेकर बिरनपुर खुर्द एवं सुखरी गांव के किसानों ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखते हुए आंदोलन का ऐलान कर दिया है। किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी खैरागढ़ गंडई-छुईखदान को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि दोनों गांवों के किसानों का धान पूर्व की तरह बरबसपुर धान खरीदी केंद्र में खरीदा जाए, अथवा सुखरी की जीवित आईडी क्रमांक 42007402 से सुखरी में ही धान खरीदी की व्यवस्था की जाए।
किसानों के अनुसार, सुखरी के नाम से संचालित सोसायटी की आईडी आज भी जीवित है और पूर्व में इसी व्यवस्था के तहत बरबसपुर सोसायटी में धान खरीदी होती रही है। लेकिन वर्तमान में नई सोसायटी संबलपुर में खोले जाने के बाद बिरनपुर खुर्द एवं सुखरी के किसानों को उसमें शामिल कर दिया गया है। किसानों का आरोप है कि इस बदलाव से उन्हें परेशानी और आर्थिक नुकसान की आशंका है।
बार-बार शिकायत, फिर भी समाधान नहीं
ज्ञापन में किसानों ने बताया कि इस समस्या से संबंधित विभाग और प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया। किसानों का कहना है कि धान खरीदी व्यवस्था में बदलाव से उन्हें अपनी उपज बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
24 अक्टूबर को अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज किसानों ने 24 अक्टूबर 2026, शनिवार को सुबह 11 बजे गंडई में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति के पास अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। किसानों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रह सकता है।
किसानों की तीन प्रमुख मांगें
बिरनपुर खुर्द और सुखरी, दोनों गांवों का धान पूर्व की तरह बरबसपुर खरीदी केंद्र में खरीदा जाए।
वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में सुखरी की जीवित आईडी क्रमांक 42007402 से सुखरी में ही दोनों गांवों के किसानों का धान खरीदा जाए।
दोनों गांवों के किसानों को किसी भी स्थिति में संबलपुर धान खरीदी केंद्र में शामिल न किया जाए।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि धान खरीदी शुरू होने से पहले उनकी समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए परेशान न होना पड़े। अब देखना होगा कि प्रशासन किसानों की मांगों पर क्या निर्णय लेता है और प्रस्तावित आंदोलन को रोकने के लिए समय रहते कोई पहल होती है या नहीं।
रिपोर्टर : रवि रजक

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