‘32 हजार करोड़ का पैकेज गया कहां?’ — आदित्य ठाकरे का सवाल

छत्रपति संभाजीनगर/भगतवाड़ी : सूखे की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे ने भगतवाड़ी-मुर्शिदाबाद क्षेत्र में खेतों का निरीक्षण किया और किसानों से सीधे संवाद किया। इसके बाद आयोजित पत्रकार परिषद में उन्होंने सरकार की ओर से घोषित राहत पर सवाल उठाते हुए पूछा, “पिछली अतिवृष्टि के दौरान घोषित 32 हजार करोड़ रुपये का पैकेज आखिर गया कहां?”

आदित्य ठाकरे ने कहा कि राज्य में सूखा घोषित करने की मांग लगातार की जा रही थी। अब सूखा घोषित कर दिया गया है, लेकिन सिर्फ सूखा घोषित करने से काम नहीं चलेगा, किसानों के हाथ में वास्तविक मदद पहुंचना जरूरी है। यदि सूखा घोषित करने में देरी हुई है, तो नियमों और ‘ट्रिगर’ का इंतजार किए बिना किसानों को तत्काल सहायता दी जानी चाहिए, ऐसी मांग उन्होंने की।

खेतों में पहुंचकर किसानों से जानी स्थिति

भगतवाड़ी-मुर्शिदाबाद क्षेत्र में फसलों का निरीक्षण करते हुए आदित्य ठाकरे ने किसानों से उनकी समस्याएं जानीं। बारिश की कमी से फसलों की स्थिति, किसानों को हो रहे नुकसान और सरकार से अपेक्षित सहायता के बारे में उन्होंने जानकारी ली।

ठाकरे ने कहा कि सरकार की घोषणाओं से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि घोषित सहायता वास्तव में किसानों तक पहुंचे।

‘घोषणा हुई, फिर पैसा किसानों तक क्यों नहीं पहुंचा?’

पिछली अतिवृष्टि के दौरान घोषित 32 हजार करोड़ रुपये के पैकेज का संदर्भ देते हुए ठाकरे ने दावा किया कि इस सहायता का लाभ कई लोगों तक नहीं पहुंचा। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि यदि इतना बड़ा पैकेज घोषित किया गया था, तो उसका वास्तविक लाभ किसानों तक कितना पहुंचा?

उन्होंने कहा कि अब सूखा घोषित होने के बाद भी केवल घोषणा तक मामला सीमित नहीं रहना चाहिए। राहत की राशि और सरकारी सहायता किसानों तक तेजी से पहुंचनी चाहिए, यह मुख्य मुद्दा असल्याचे त्यांनी सांगितले.

‘मुद्दे को छोड़कर बात की जा रही है’

महसूल मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा, “मुद्दा यह है कि आप मुद्दे को छोड़कर बात कर रहे हैं।”

मराठवाड़ा में किसान आत्महत्याओं का मुद्दा उठाते हुए ठाकरे ने 653 किसानों द्वारा आत्महत्या किए जाने का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि किसानों के सामने खड़ा संकट गंभीर है और इस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।

‘सूखा घोषित हुआ, अब मदद कब?’

राज्य में सूखा घोषित किए जाने के बाद अब किसानों को मिलने वाली वास्तविक सहायता पर ठाकरे ने सवाल उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री से यह स्पष्ट करने की मांग की कि किसानों तक राहत कब पहुंचेगी और सहायता की प्रक्रिया क्या होगी।

भगतवाड़ी में किसानों से संवाद और फसलों के निरीक्षण के बाद आदित्य ठाकरे द्वारा उठाया गया “32 हजार करोड़ का पैकेज गया कहां?” का सवाल अब चर्चा में है। सूखे की घोषणा के बाद किसानों को प्रत्यक्ष राहत कब और कितनी मिलती है, इस पर अब निगाहें टिकी हैं।

रिपोर्टर : शिवाजी तांबे 

 

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