छत्तीसगढ़ विधानसभा में धान खरीदी को लेकर हंगामा
छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को धान खरीदी के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ। विपक्षी कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा MSP पर खरीदे गए धान में 8,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सरकार ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया।
शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने बताया कि 2024-25 खरीफ विपणन सत्र में खरीदे गए 149.25 लाख मीट्रिक टन धान में से 22.71 लाख क्विंटल अभी तक निपटाया नहीं जा सका। उनका दावा है कि यह धान अब खराब हो गया है और या तो चूहों ने खा लिया, भ्रष्ट अधिकारियों ने बेच दिया या खराब भंडारण के कारण बर्बाद हो गया। उन्होंने बताया कि मार्केटिंग फेडरेशन और खरीदी केंद्रों से कुल 22.7 लाख क्विंटल धान गायब है। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने अतिरिक्त चावल लेने से इनकार किया, जिससे राज्य को करीब 50 फीसदी कम कीमत पर धान बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा।
कृषि मंत्री दयालदास बघेल ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि 2024-25 खरीफ सत्र में कुल 149.25 लाख टन धान खरीदा गया और किसानों को MSP तथा कृषक उन्नति योजना के तहत कुल 46,277 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य ने देश में सबसे अधिक मूल्य 3,100 रुपये प्रति क्विंटल बोनस सहित दिया। भंडारण केंद्रों में धान सुरक्षित है और कीट नियंत्रण के उपाय किए गए हैं।
मंत्री के जवाब के बाद कांग्रेस विधायक नाराज़ हुए और सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद सभापति ने 30 विधायकों को निलंबित कर दिया, लेकिन कुछ समय बाद यह निलंबन वापस ले लिया गया।
इस घटना ने विधानसभा में गंभीर विवाद को जन्म दिया और धान खरीदी प्रक्रिया और भंडारण की पारदर्शिता पर बहस को और गर्मा दिया।
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