चीन में शादी से क्यों दूरी बना रहे युवा? ब्राइड प्राइस और आर्थिक दबाव ने बढ़ाई चिंता
चीन में बड़ी संख्या में युवा पुरुष शादी से दूरी बना रहे हैं। इसकी वजह केवल प्रेम या रिश्तों से जुड़ी पसंद नहीं, बल्कि शादी से जुड़ा बढ़ता आर्थिक दबाव भी है। घर खरीदने से लेकर ‘ब्राइड प्राइस’ यानी दुल्हन के परिवार को दी जाने वाली रकम तक, शादी कई युवाओं के लिए बड़ी आर्थिक चुनौती बनती जा रही है।
बीबीसी के एक पॉडकास्ट में चीन में शादी और युवाओं से जुड़े इस बदलते नजरिए पर चर्चा की गई। इसमें बताया गया कि कुछ युवा पुरुष अब शादी को सामाजिक संस्था से ज्यादा आर्थिक जिम्मेदारी के तौर पर देखने लगे हैं। यह स्थिति भारत के दहेज सिस्टम से अलग है, लेकिन दोनों मामलों में शादी से जुड़ी आर्थिक मांगें परिवारों पर दबाव डाल सकती हैं।
वन-चाइल्ड पॉलिसी का असर
चीन की पूर्व ‘वन-चाइल्ड पॉलिसी’ और बेटों को प्राथमिकता देने की सामाजिक प्रवृत्ति का असर आज भी देश के जनसांख्यिकीय संतुलन में दिखाई देता है। पुरुषों की संख्या महिलाओं से अधिक होने के कारण विवाह योग्य उम्र में जीवनसाथी की तलाश कई युवाओं के लिए चुनौती बन गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले वर्षों में यह असंतुलन विवाह बाजार पर दबाव बनाए रख सकता है।
लाखों रुपये का ब्राइड प्राइस
मकाऊ यूनिवर्सिटी के रिसर्च स्कॉलर यिहुआन झांग के अनुसार, चीन के युवाओं की चिंता केवल साथी तलाशने तक सीमित नहीं है। कई क्षेत्रों में ‘ब्राइड प्राइस’ दो लाख युआन या उससे अधिक तक पहुंचने की बात सामने आई है। इसके अलावा शादी से पहले घर खरीदना और आर्थिक रूप से स्थिर होना भी कई पुरुषों के लिए बड़ी चुनौती है।
नतीजतन, कुछ युवा पुरुषों में शादी को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। यही असंतोष ऑनलाइन समुदायों और नए सामाजिक विमर्श को भी जन्म दे रहा है, जिसे चीन के उभरते ‘मैनोस्फेयर’ से जोड़कर देखा जा रहा है।

No Previous Comments found.