चित्रकूट में पानी की बड़ी चुनौती पर विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार सक्रिय…
सतना - भोपाल से सतना तक बैठकों का दौर, जल संसाधनों की समीक्षा तेज… क्या चित्रकूट विधानसभा को मिलेगा स्थायी जल समाधान? देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट…” इलाके, जल संकट के दृश्य, विधायक की बैठक के फुटेज) चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में जल संकट और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अब प्रयास तेज होते नजर आ रहे हैं। चित्रकूट विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने क्षेत्र में पानी की उपलब्धता और लंबित जल परियोजनाओं को लेकर लगातार बैठकों का सिलसिला शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में विधायक ने भोपाल से लेकर सतना तक अधिकारियों के साथ मैराथन बैठकें कीं और जल संसाधनों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। (मुख्यमंत्री से मुलाकात के प्रतीकात्मक दृश्य) जानकारी के मुताबिक, 20 मई 2026 को विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने भोपाल स्थित वल्लभ भवन में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में पानी की समस्या को लेकर विस्तृत चर्चा की। विधायक ने क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल संकट के विभिन्न पहलुओं को सामने रखते हुए तत्काल समाधान की मांग रखी।
मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश राजौरा को विधायक के साथ बैठक कर जल समस्या के निराकरण के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। हालांकि भोपाल से बाहर होने के कारण अतिरिक्त मुख्य सचिव की अनुपस्थिति में प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग को तत्काल समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद 21 मई को सतना सर्किट हाउस में विधायक गहरवार ने जल संसाधन विभाग की एक महत्वपूर्ण संभागीय समीक्षा बैठक ली। करीब तीन घंटे चली इस बैठक में बाणसागर परियोजना, एनबीडीए, डब्ल्यूआरडी, आरईएस विभाग सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में एसई बाणसागर, ईई एनबीडीए, ईई जल संसाधन विभाग, एसडीओ, जेई और पानी से जुड़ी परियोजनाओं पर कार्यरत अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र तक बाणसागर का पानी पहुंचाने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों के साथ एक-एक परियोजना की समीक्षा करते हुए यह समझने का प्रयास किया गया कि आखिर किन कारणों से योजनाएं प्रभावित हो रही हैं और समाधान क्या हो सकता है।
बताया जा रहा है कि शनिवार 23 मई को विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार प्रमुख अभियंता के साथ मगरदहा, मरचुआ नाला और वर्ष 2013 से स्वीकृत लेकिन लंबित पड़े एक्वाडक्ट का स्थल निरीक्षण करेंगे। हालांकि अधिकारियों के बीच चर्चा में एनबीडीए का पानी चित्रकूट क्षेत्र तक लाने का प्रयास जारी रखने की बात कही गई, लेकिन फिलहाल इसकी सफलता को लेकर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया गया है।
बैठक में बकिया बांध परियोजना पर भी चर्चा हुई, जो बिजली विभाग से जुड़ी होने के कारण विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों का सामना कर रही है। वहीं बिरसिंहपुर माइक्रो लिफ्ट इरिगेशन योजना, जिसकी अनुमानित लागत करीब 465 करोड़ रुपये बताई जा रही है, उसमें बिजली खर्च तय मानकों से अधिक आने और बिजली विभाग की एनओसी नहीं मिलने से कार्य प्रभावित है। हालांकि इन समस्याओं के निराकरण के लिए प्रयास जारी हैं। विधानसभा क्षेत्र में छोटे बांधों के निर्माण, ब्रिटिश कालीन पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार, नए तालाबों के विकास और पुराने नालों की खुदाई जैसे कार्यों को भी गति देने की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में इस बात पर विशेष फोकस किया गया कि किस क्षेत्र में पानी रोका जाए और कहां से जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकती है। "चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में पानी पहुंचाने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ी जाएगी। क्षेत्र के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और जो परियोजनाएं लंबित हैं, उन्हें जल्द आगे बढ़ाया जाएगा।"
विधायक गहरवार ने जानकारी दी कि रानीपुर और नरदहा बांध को स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं कंदर, अमिलिया के पास प्रस्तावित हनुमान सागर और गहवर बांध को भी इसी महीने मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके अलावा पडमनिया और अंधराखोह परियोजनाएं डीपीआर और एस्टीमेट की प्रक्रिया में हैं, जिन्हें जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
साथ ही लाल बुद्ध प्रताप सिंह सागर, कुचमैला और पगार परियोजनाओं की साध्यता रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जा चुकी है, जिनका सर्वे और डीपीआर मानसून से पहले तैयार होने की संभावना है।
अब इस पूरी कवायद का अगला चरण 26 मई को भोपाल में देखने को मिलेगा, जहां विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश राजौरा के साथ एक और महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। ऐसे में सवाल यही है कि क्या इन बैठकों और योजनाओं के जरिए चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र को लंबे समय से चली आ रही जल समस्या से राहत मिल पाएगी… यह आने वाला समय तय करेगा।
रिपोर्टर - सूर्य प्रकाश सिंह

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