विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन ने सदर एसडीएम को सौंपा राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन
चित्रकूट : उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन के प्रादेशिक आवाहन पर चित्रकूट इकाई के दर्जनों कार्यकर्ता कैंप कार्यालय कचहरी से राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में नारेबाजी करते तहसील मुख्यालय कर्वी पहुंचे और का. रामप्रसाद सिंह (पूर्व विधायक ) की अध्यक्षता में सभा किए रामप्रसाद सिंह ने कहा कि यह सबसे बड़ी त्रासदी है कि आजादी के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर दुनियां की सबसे बड़ी ऐतिहासिक योजना मनरेगा, जिसके तहत ग्रामीण गरीब मजदूरों को गांव में ही काम मिल रहा था । जिसको तमाम क़ुर्बानियों और शहादतों के बाद खेत मजदूरों ने हासिल किया था। मनरेगा योजना में मजदूरों को काम और बेरोजगारी भत्ता की गारंटी के साथ ही सारे अधिकार ग्राम सभाओं को मिला हुआ था मौजूदा भारत सरकार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से इतनी नफरत है कि मनरेगा को समाप्त करके " विकसित भारत -- रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी ( ग्रामीण) योजना को कानूनी रूप देकर मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना की हत्या कर रही है। ज्ञात रहे कि " VB -- G RAM (G ) योजना 01 जुलाई 2026 को कानूनी शक्ल अख्तियार कर लेगी। ऐसी स्थिति में 23 जून 2026 को खेत मज़दूर साथियों द्वारा "निर्णायक रूप" से हथौड़ा चलाने की ऐतिहासिक जिम्मेदारी है "मनरेगा" योजना में 90 प्रतिशत बजट का धन भारत सरकार और 10 प्रतिशत बजट का धन राज्य सरकारें बहन करती थी , फिर भी सभी को 100 दिन काम नहीं मिल पाता था, उसके ठीक विपरीत " VB -- G RAM (G ) , " विकसित भारत -- रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी ( ग्रामीण) योजना में भारत सरकार को 60 प्रतिशत ओर प्रान्तीय सरकारों को 40 प्रतिशत बजट की व्यवस्था करनी होगी, जाहिर है कि प्रान्तीय सरकारें पूरी तरह कर्जों तले दबी हुई हैं, ऐसे में प्रान्तीय सरकारें धन की व्यवस्था नहीं कर पायेंगी और भारत सरकार 60 प्रतिशत बजट से अतिरिक्त बजट की व्यवस्था नहीं करेगी। दूसरी बात है कि नये कानून के तहत भारत सरकार कृषि कार्य के समय पूरे दो महीने तक काम बन्द रखेगी और सारा अधिकार ग्राम सभाओं से छीनकर भारत सरकार ने अपने अधिकार में ले लिया है। परिणाम होगा कि " भी बी जी राम ( जी) योजना धन के अभाव में अन्तिम सांस लेने लगेगी और भाजपा सरकार को इस योजना को बन्द करने का बहाना मिल जाएगा और देश के करोड़ों ग्रामीण खेत मजदूर किंकर्तव्यविमूढ़ होकर तमाशा देखता रह जाएगा, ऊनकी आजीविका छिन जाएगी और भाजपा सरकार की मजदूरों को गुलाम बनाने की साजिश सफल हो जाएगा इसलिए बी -- जी राम ( जी) योजना को जनहित में ध्यान रखते हुए तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए तथा मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना को पुराने रुप में अविलम्ब बहाल किया जाए कामरेड राजेंद्र कुमार ने कहा कि सभी ग्रामीण खेत मजदूरों को वर्ष में 200 दिन काम और 700 रुपए प्रतिदिन न्यूनतम गारंटीशुदा मजदूरी दिया जाए,सभी ग्रामीण खेत मजदूरों को योजना के तहत काम न मिलने की स्थिति में बेकारी भत्ता की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए,सभी खेत मजदूरों को 55 वर्ष की उम्र के बाद न्यूनतम 6000 रुपए मासिक पेंशन की व्यवस्था किया जाए,मनरेगा योजना में भारत सरकार और प्रान्तीय सरकारों द्वारा दिए जाने वाले पुराने बजट व्यवस्था को बदस्तूर जारी रखने के साथ ही जाब कार्ड को ध्यान में रखते हुए 250 लाख करोड़ का बजट जारी किया जाए,सभी ग्रामीण खेत मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित किया जाए,सभी ग्रामीण खेत मजदूरों को उनके प्राकृतिक संसाधनों जल, जंगल, जमीन को वापस किया जाए,धारा 132 की जमीनों उसर, बंजर, ग्राम सभा की जमीनों पर बसे हुए और काबिज लोगों को बेदखल न किया जाए। उस पर खेत मजदूरों को मालिकाना हक दिया जाए का. संदीप पाण्डेय ने कहा कि सभी खेत मजदूरों को पक्का आवास के लिए 15 डिसमिल जमीन देने के साथ ही आवास के लिए 05 लाख रुपए दिया जाए,सभी ग्रामीण खेत मजदूरों को कृषि के लिए पर्याप्त जमीन आवंटित किया जाये।मर्जर, पेयरिंग और बन्द किए जा रहे प्राथमिक विद्यालयों पर अविलम्ब रोक लगाया जाए।स्कूलों, महाविद्यालयों, विश्व विद्यालयों में पिछड़े, दलितों, आदिवासियों पर किये जा रहे भेदभाव पर रोक लगाने के साथ विश्वविद्यालय गाइड लाइन्स को तत्काल प्रभाव से लागू किए जाएं सभा के बाद महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित 13 सूत्री ज्ञापन सदर एसडीएम अजय कुमार को सौंपा गया सभा व ज्ञापन देने वालों में का. कमलेश कुमार सिंह, बृजभूषण सिंह, राम रूप यादव ,राजधर विश्वकर्मा, हनुमान प्रसाद यादव बजरंगी, गोविंद ,मुमताज अली सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे का. अमित यादव एड.(जिला संरक्षक)उ.प्र. खेत मजदूर यूनियन जिला चित्रकूट
संवाददाता - रोहित कुमार सिंह
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