लावालौंग से पांकी सड़क निर्माण का रास्ता साफ,तीन चरणों में बनेगी सड़क
चतरा - लावालौंग से पांकी तक मुख्य सड़क निर्माण का रास्ता लगभग साफ हो गया है। इस सड़क के निर्माण से वर्षों से आवागमन की समस्या झेल रहे क्षेत्र के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।लावालौंग से मंधनियां तक सड़क निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है,जबकि मंधनियां से हरदीपुर और हरदीपुर से कुकुरमरवा तक सड़क निर्माण की भी प्रशासनिक मंजूरी प्राप्त हो गई है।इस संबंध में लमटा पंचायत के मुखिया अमित कुमार चौबे ने बताया कि सांसद कालीचरण सिंह एवं विधायक कुमार उज्ज्वल दास के प्रयास से लावालौंग से मंधनियां तक नैनो टेक्नोलॉजी के माध्यम से सड़क निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति पूर्व में ही मिल चुकी है। इसकी टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के भीतर इस सड़क का शिलान्यास किया जाएगा।
वहीं,विधायक कुमार उज्ज्वल दास ने बताया कि मंधनियां के आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर बैठक की थी।साथ ही व्यापक आंदोलन की तैयारी भी की जा रही थी।इसकी सूचना अखबारों के माध्यम से उन्हें और जिला प्रशासन को मिली थी।इसके बाद उन्होंने लमटा पंचायत के मुखिया अमित कुमार चौबे के साथ मिलकर सांसद कालीचरण सिंह एवं चतरा उपायुक्त से समन्वय स्थापित किया और सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू करवाई।विधायक ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किया गया है।इधर,मंधनियां से हरदीपुर तथा हरदीपुर से कुकुरमरवा तक सड़क निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति भी दो अलग-अलग हिस्सों में मिल गई है।मुखिया अमित कुमार चौबे ने कहा कि ग्रामीणों का वर्षों पुराना सपना अब जल्द साकार होने जा रहा है।उन्होंने बताया कि चतरा जिला मुख्यालय से पांकी की दूरी लावालौंग वाले मार्ग से महज 50 किलोमीटर है, जबकि दूसरे पक्के मार्ग से यह दूरी करीब 95 किलोमीटर पड़ती है।ऐसे में लावालौंग से पांकी तक सड़क बन जाने से करीब 45 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी।इससे लोगों को कम समय और कम खर्च में आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी।मुखिया के अनुसार, लावालौंग से मंधनियां तक सड़क निर्माण की स्वीकृति जिला परिषद से मिली है, जबकि शेष दोनों सड़क खंडों को ग्रामीण कार्य विभाग (आरईओ) से स्वीकृति प्राप्त हुई है।सड़क निर्माण पूरा होने से क्षेत्र में शिक्षा,स्वास्थ्य,व्यापार और खरीद-बिक्री जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ग्रामीणों को चतरा और पांकी आने-जाने में काफी सहूलियत होगी।
रिपोर्टर - मो0 साजिद

No Previous Comments found.