सिगरेट और दिल की सेहत पर प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ सौम्या गुप्ता की जरुरी बात
सिगरेट और दिल की सेहत
क्या आप जानते हैं कि सिगरेट का हर कश आपके दिल पर सीधा असर डालता है?
अक्सर लोग इसे सिर्फ एक आदत मानते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि सिगरेट दिल की सेहत के लिए एक गंभीर खतरा है।
इसी अहम विषय को समझने के लिए हमने बात की उत्तर प्रदेश की जानी-मानी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सौम्या गुप्ता से जिन्होंने बताया कि सिगरेट कैसे चुपचाप आपके दिल को नुकसान पहुंचाती है और इसे छोड़ना क्यों बेहद जरूरी है।
सिगरेट को लोग सिर्फ “बुरी आदत” मानते हैं। क्या यह सच है?
इस बारे में बतात्ते हुए उत्तर प्रदेश की जानी-मानी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सौम्या गुप्ता ने कहा कि बिल्कुल नहीं। सिगरेट सिर्फ एक बुरी आदत नहीं है, यह हमारे हृदय और रक्त वाहिकाओं पर सीधा हमला है। दुनिया भर में होने वाली कई गंभीर बीमारियों और मौतों का एक बड़ा कारण सिगरेट है—और सबसे चिंता की बात यह है कि इसे रोका जा सकता है।
सिगरेट दिल को कैसे नुकसान पहुंचाती है?
इस बारे में बतात्ते हुए उत्तर प्रदेश की जानी-मानी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सौम्या गुप्ता ने कहा कि सिगरेट शरीर में जाते ही कई तरह के बदलाव करती है। यह खून की केमिस्ट्री बदल देती है और रक्त वाहिकाओं की संरचना को नुकसान पहुंचाती है। जैसे ही कोई व्यक्ति सिगरेट का धुआं अंदर लेता है दिल की धड़कन तेज हो जाती है। ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। इससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है जबकि शरीर को मिलने वाली ऑक्सीजन कम हो जाती है।
लंबे समय में इसके क्या प्रभाव होते हैं?
इस बारे में जानकारी देते हुए जानी मानी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सौम्या गुप्ता:ने कहा कि लंबे समय तक सिगरेट पीने से कई गंभीर समस्याएं होती हैं:
जैसे एंडोथेलियल डिसफंक्शन जिसमे रक्त वाहिकाओं की अंदरूनी परत खराब हो जाती है, जिससे कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है और ब्लॉकेज बनता है।
खून के थक्के बनने का खतरा भी रहता है और फाइब्रिनोजन बढ़ने के साथ साथ सूजन बढ़ती है और प्लेटलेट्स ज्यादा चिपचिपे हो जाते हैं जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। हाई ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन की कमी से दिल पर लगातार दबाव पड़ता है और धीरे-धीरे दिल को कमजोर कर देता है।
लोग कहते हैं “सिर्फ एक सिगरेट से क्या होगा?” इस पर आपकी राय?
इस बात का ज़वाब देते हुए उत्तर प्रदेश की जानी-मानी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सौम्या गुप्ता ने कहा कि यह एक बहुत बड़ा मिथक है।सच्चाई यह है कि हर सिगरेट नुकसान पहुंचाती है। सिर्फ एक जैसी कोई सुरक्षित मात्रा नहीं होती।
अगर कोई व्यक्ति सिगरेट छोड़ दे, तो क्या शरीर ठीक हो सकता है?
इस बारे में बतात्ते हुए उत्तर प्रदेश की जानी-मानी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सौम्या गुप्ता ने कहा कि हाँ और यही सबसे अच्छी खबर है। हमारा शरीर खुद को ठीक करने की क्षमता रखता है। सिगरेट छोड़ने के बाद क्या बदलाव हैं आइए आपको बताते हैं
20 मिनट में: दिल की धड़कन और BP सामान्य होने लगते हैं
12 घंटे में: खून में कार्बन मोनोऑक्साइड सामान्य हो जाता है
1 साल में: हार्ट अटैक का खतरा 50% तक कम हो जाता है
15 साल में: जोखिम लगभग नॉन-स्मोकर जितना हो जाता है
क्या सिगरेट सिर्फ दिल को ही नुकसान पहुंचाती है?
इस सवाल पर जवाब देते हुए कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सौम्या गुप्ता ने कहा कि नहीं,इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है: फेफड़े: ब्रोंकाइटिस, COPD, फेफड़ों का कैंसर, दिमाग स्ट्रोक का खतरा, रक्त वाहिकाओं के सिकुड़ने के साथ साथ डायबिटीज का खतरा भी बढ़ता है
पैसिव स्मोकिंग (दूसरों का धुआं) कितना खतरनाक है?
इस बारे में बतात्ते हुए उत्तर प्रदेश की जानी-मानी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सौम्या गुप्ता ने कहा कि यह भी उतना ही खतरनाक है। जो लोग खुद सिगरेट नहीं पीते, लेकिन दूसरों के धुएं के संपर्क में रहते हैं, उन्हें भी दिल की बीमारियों और कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
अंत में आप लोगों को क्या संदेश देना चाहेंगी?
अंत में लोगों को सन्देश देते हुए उत्तर प्रदेश की जानी-मानी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सौम्या गुप्ता ने कहा कि सिगरेट के नुकसान को आप एक्सरसाइज या अच्छी डाइट से संतुलित नहीं कर सकते। दिल की सुरक्षा हर सांस से शुरू होती है और सबसे जरूरी सन्देश — सिगरेट छोड़ना एक लाइफस्टाइल चेंज नहीं, बल्कि जीवन बचाने का फैसला है। अगर आप अपने दिल को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो सबसे बड़ा और सबसे जरूरी कदम है—आज ही सिगरेट छोड़ना पड़ेग।

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