अमित शाह से धर्मेंद्र प्रधान की मुलाकात के बाद इस्तीफे की अटकलें तेज, CJP प्रतिनिधिमंडल जेपी नड्डा से करेगा बातचीत
संसद मार्च और बढ़ती राजनीतिक हलचल के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। इस बैठक के बाद कुछ मीडिया रिपोर्टों में उनके इस्तीफे को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक सरकार या धर्मेंद्र प्रधान की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान जारी नहीं किया गया है।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब CJP के संसद मार्च के कारण दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शनकारियों के संसद भवन की ओर बढ़ने के दौरान पुलिस के साथ झड़प की खबरें सामने आईं। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया, जबकि संसद भवन के आसपास प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
CJP प्रतिनिधिमंडल जेपी नड्डा से मिलने रवाना
धर्मेंद्र प्रधान और अमित शाह की बैठक के बीच CJP का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बातचीत के लिए रवाना हुआ। CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने जानकारी दी कि वह और आशुतोष रांका सरकार के साथ चर्चा के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि संगठन की मांगें स्पष्ट हैं और देशभर से बड़ी संख्या में युवा इस आंदोलन से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि CJP सरकार से संवाद के लिए तैयार है, लेकिन बातचीत का आधार उसकी प्रमुख मांगों का समाधान होना चाहिए।
संसद भवन का मुख्य गेट बंद, सुरक्षा बढ़ाई गई
CJP के संसद मार्च को देखते हुए संसद परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। एहतियात के तौर पर संसद भवन का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया और आने-जाने वालों की कड़ी निगरानी की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी में CRPF सहित अन्य सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
कई मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश रोका गया
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर अस्थायी रूप से प्रवेश बंद कर दिया गया। इनमें जनपथ, पटेल चौक, राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। कई यात्रियों को कुछ समय के लिए मेट्रो परिसरों के अंदर ही रुकना पड़ा।
मध्य दिल्ली में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। संसद मार्च के बीच राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं और आने वाले समय में सरकार तथा प्रदर्शनकारी संगठनों के बीच बातचीत पर नजर बनी हुई है।
No Previous Comments found.