दिल्ली पुलिस की पूछताछ में शामिल नहीं हुए CJP कार्यकर्ता, कोर्ट के आदेश पर रिहाई के बाद मिला नया समय
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे तय समय के अनुसार गुरुवार को दोपहर 12 बजे पूछताछ के लिए दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के सामने पेश नहीं हुए। इन तीनों नेताओं ने दिल्ली पुलिस से पेश होने के लिए कुछ अतिरिक्त समय की मांग की है, जिसके बाद पुलिस की तरफ से इन्हें जल्द ही नए सिरे से नोटिस जारी किए जाने की संभावना है। क्राइम ब्रांच ने इन सभी नेताओं को अपने राजौरी गार्डन स्थित कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन उनके पेश न होने के कारण जांच प्रक्रिया में थोड़ा विलंब हुआ है।
स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर मिली है जमानत और रिहाई
यह पूरा घटनाक्रम तब सामने आया है जब एक स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट ने व्यक्तिगत और मुचलके बांड स्वीकार करने के साथ-साथ शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने के लिखित हलफनामा लेने के बाद सौरभ दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया था। एसईएम रितु राज ने दोनों नेताओं को जांच के पूरी होने तक 50,000-50,000 रुपये के व्यक्तिगत और ज़मानत बॉण्ड जमा करने का निर्देश दिया था। अदालत ने यह भी साफ किया कि दोनों नेताओं को सुनवाई की प्रत्येक तारीख पर अनिवार्य रूप से अदालत में उपस्थित रहना होगा और बॉण्ड में दी गई सभी शर्तों का कड़ाई से पालन करना होगा।
शांति बनाए रखने और संवैधानिक दायरे में प्रदर्शन करने का दिया गया है हलफनामा
अपनी रिहाई से पहले दिए गए लिखित हलफनामे में सौरभ दास और आशुतोष रांका ने यह वादा किया है कि वे भविष्य में किसी भी तरह से सार्वजनिक शांति या कानून व्यवस्था को भंग नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया है कि जब तक जंतर-मंतर को नियमानुसार दोबारा विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया जाता, तब तक वे वहां किसी भी प्रकार के प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे और यदि भविष्य में कोई आंदोलन या प्रदर्शन किया भी गया तो वह पूरी तरह से संविधान के दायरे में रहकर ही किया जाएगा। अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा कि इस चरण में आगे की न्यायिक हिरासत की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती है, विशेष तौर पर तब जब अदालत के समक्ष लिखित हलफनामा पेश कर दिया गया हो।
जंतर-मंतर पर हुए 13 अक्टूबर के प्रदर्शन से जुड़ा है पूरा मामला
अदालत ने जांच अधिकारी को अगली सुनवाई पर जमानतों के सत्यापन की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है और मामले की अगली कार्यवाही के लिए 23 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे का समय तय किया है, जिसमें दोनों नेताओं और उनके जमानतदारों को उपस्थित रहने को कहा गया है। आपको बता दें कि सौरभ दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था, जिसे एक प्रतिबंधित या गैर-अधिग्रहित प्रदर्शन स्थल माना गया था। पुलिस का आरोप था कि ये लोग निजी परिसरों के रास्ते से वहां दाखिल हुए थे और शांति व्यवस्था बनाए रखने से जुड़ी शर्तों का उल्लंघन किया था। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि इस पूरे मामले में कानूनी नियमों के तहत आगे की जांच की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।

No Previous Comments found.