ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर सियासत गरम, नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी में तनाव...
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ब्राह्मण विधायकों की बैठक ने सियासी माहौल गरम कर दिया है। इस बैठक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों में तीखी बहस चल रही है। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने बैठक का समर्थन करते हुए कहा कि ब्राह्मण विधायकों को अपने मुद्दों पर चर्चा करने का पूरा अधिकार है और इसे गैरकानूनी या आपत्तिजनक बताना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
माता प्रसाद पांडे ने कहा कि ब्राह्मण समाज ने देश और प्रदेश की राजनीति और प्रशासन में ऐतिहासिक योगदान दिया है। ऐसे में यदि विधायक विचार-विमर्श के लिए एक मंच पर आते हैं, तो यह स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी इस बैठक से डर गई है और अनावश्यक दबाव बनाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि बीजेपी का सामाजिक समर्थन धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है और पार्टी नेतृत्व ब्राह्मण विधायकों और समाज के नेताओं पर अप्रत्यक्ष दबाव डाल रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि जब अन्य समाजों की बैठकें होती हैं, तो कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन ब्राह्मण समाज की बैठक पर इतना शोर क्यों मचाया जा रहा है। उनका दावा है कि भाजपा की राजनीति अब संवाद की बजाय डर और नियंत्रण पर आधारित हो गई है और विपक्ष जाति आधारित राजनीति पर भरोसा करता है।
दूसरी ओर, यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने बैठक पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पार्टी किसी जाति या परिवार के नाम पर राजनीति नहीं करती। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई नेता नकारात्मक राजनीति में लिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। पंकज चौधरी ने कहा कि भाजपा विकास और राष्ट्रवाद की राजनीति करती है, जबकि सपा, बसपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां आज भी जाति आधारित राजनीति में उलझी हैं। उनका मानना है कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में जातिगत राजनीति करने वाली ये पार्टियां अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

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