घूसखोर पंडत' पर अब राजनीतिक तकरार! मायावती ने बोला हमला
उत्तर प्रदेश की राजनीति में वेब सीरीज 'घूसखोर पंडत' ने खूब सुर्खियां बटोरी हैं। इसके टाइटल और कंटेंट को लेकर प्रदेश में विवाद पैदा हो गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस वेब सीरीज के निर्देशक और टीम के खिलाफ हजरतगंज थाने में मामला दर्ज किया गया। वहीं, इस विवाद में बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती भी सक्रिय हो गई हैं।
मायावती का बयान: ब्राह्मण समाज के अपमान पर चिंता
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पिछले कुछ समय से न केवल यूपी बल्कि पूरे देश में फिल्मों और वेब सीरीज में 'पंडित' को घुसपैठिया बताकर अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे ब्राह्मण समाज में जबरदस्त रोष है। बीएसपी प्रमुख ने इस मामले की कड़े शब्दों में निंदा की और केंद्र सरकार से जातिसूचक कंटेंट पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की।
विवाद का कारण और राजनीतिक असर
वेब सीरीज का टाइटल और कंटेंट 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने का कारण बन गया है। यूपी में ब्राह्मण समुदाय के प्रति नाराजगी का मुद्दा अब तक समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी दोनों की ओर से उठता रहा है। हालांकि, ब्राह्मण समाज 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में एकजुट दिखा था। पिछले दिनों विधानसभा के शीतकालीन सत्र में ब्राह्मण विधायकों की बैठक और भाजपा के प्रदेश नेतृत्व की प्रतिक्रिया ने इस विवाद को और बढ़ावा दिया। मायावती ने इस बैठक को राजनीतिक मुद्दा न बनाने की बात कही थी।
मायावती की चुनावी रणनीति-
मायावती इस विवाद को ब्राह्मण वोट बैंक को साधने का अवसर मान रही हैं। 2007 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पिछड़ा-दलित-मुस्लिम वोट बैंक के साथ ब्राह्मण वोट को जोड़कर यूपी में बहुमत की सरकार बनाई थी। अब भी 2027 के चुनाव के मद्देनजर मायावती ब्राह्मणों को साधने की रणनीति पर काम कर रही हैं।
लखनऊ में दर्ज मामला
हजरतगंज पुलिस स्टेशन में वेब सीरीज के निर्देशक और टीम के खिलाफ सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने और धार्मिक व जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया। लखनऊ कमिश्नरेट ने कहा कि जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएम योगी ने इस मामले में सख्त कदम उठाने की बात कही थी और पुलिस को निर्देशित किया गया है कि ऐसे कंटेंट को लेकर कड़े नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए।


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