उत्तर प्रदेश बजट सत्र 2026: विपक्ष पर बरसे योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र 2026 के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के सदस्यों को नसीहत देते हुए कहा कि वे कांग्रेस से सबक लें, जो अब विधान परिषद में प्रतिनिधित्व से वंचित हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सपा भी विधानसभा और परिषद से बाहर होना चाहती है तो वह अनर्गल प्रलाप और महापुरुषों का अपमान करती रहे, अन्यथा ऐसा आचरण न करे जिससे समाज में विद्वेष फैले। उन्होंने विपक्ष से प्रदेश की “नई पहचान” को संकट में न डालने और जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने की अपील की।
रामराज्य और “नई पहचान” पर जोर
सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। टीमवर्क के माध्यम से प्रदेश और देश दोनों स्तर पर सकारात्मक परिणाम मिले हैं।उन्होंने दावा किया कि आज प्रदेश में कानून का राज है, अपराधी भयभीत हैं, गरीब को सम्मान मिल रहा है, किसान खुशहाल हैं, महिलाओं को सुरक्षा की गारंटी है और युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश रामराज्य की आधारभूमि के रूप में नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है और हर गांव तक बिजली तथा हर नागरिक के मन में गर्व की भावना स्थापित हुई है।
वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याण, रोजगार सृजन, निवेश विस्तार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के जरिए प्रदेश को सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप 2029-30 तक उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है और इसी दिशा में बजट प्रस्तुत किया गया है।
समाज को लड़ाने का आरोप
सीएम ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति असम्मान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कुछ नेता जातीय संघर्ष को बढ़ावा देने वाले बयान दे रहे हैं। उनके अनुसार, समाज को बांटने, आस्था का अपमान करने और अराजकता को बढ़ावा देने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
भारत निर्वाचन आयोग और एसआईआर प्रक्रिया का जिक्र
मुख्यमंत्री ने सदन में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे एसआईआर अभियान का उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में सरकार की कोई भूमिका नहीं होती और आयोग की गाइडलाइन के अनुसार प्रशासनिक तंत्र काम करता है। सीएम ने बताया कि प्रदेश में 2.88 करोड़ से अधिक लोग अनुपस्थित, मृत या स्थानांतरित पाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले इन नामों के आधार पर फर्जी मतदान होता था।
उन्होंने फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 की प्रक्रिया की उपयोगिता भी समझाई और कहा कि यह पूरी तरह आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत संचालित होती है।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। बेसिक शिक्षा में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया गया है। अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से श्रमिकों और निराश्रित बच्चों को विश्वस्तरीय सुविधाएं दी जा रही हैं। हर जनपद में दो सीएम कंपोजिट विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं और इन्हें न्याय पंचायत स्तर तक विस्तारित करने की योजना है, जिससे प्री-प्राइमरी से 12वीं तक एक ही परिसर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।

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