सीएम योगी ने महाराजा सुहेलदेव के शौर्य का किया उल्लेख, कहा उन्होंने आक्रांता को जहन्‍नुम पहुंचाया...

लखनऊ। भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संवेदनशील सरकार ही संकट के समय जनता की रक्षा कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में राजनीतिक कारणों से कई महान नायकों को भुला दिया गया, लेकिन अब उन्हें सम्मान दिलाने का कार्य किया जा रहा है।
 
 महाराजा सुहेलदेव का उल्लेख और ऐतिहासिक संदर्भ
 
मुख्यमंत्री ने महाराजा सुहेलदेव के शौर्य का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने विदेशी आक्रांता सालार मसूद को परास्त कर देश और समाज की रक्षा की थी। उन्होंने कहा कि पहले जहां मसूद के नाम पर मेले लगते थे, अब वहां सुहेलदेव के स्मारक पर लोग श्रद्धा व्यक्त करने पहुंच रहे हैं।
 
जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण और कार्यक्रम
 
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गोमती नगर स्थित भारतेंदु नाट्य अकादमी के भवन और दो प्रेक्षागृहों के जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण किया, जो करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है। साथ ही ‘रंगभेद’ पत्रिका का विमोचन, प्रदर्शनी का अवलोकन और नाट्य समारोह का शुभारंभ भी किया गया।
 
 इतिहास, महामारी और सरकार की भूमिका
 
अपने संबोधन में उन्होंने 1921 की जनगणना और स्पेनिश फ्लू महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय सरकार संवेदनहीन रही, जबकि कोविड-19 महामारी के दौरान वर्तमान सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के भोजन और सुरक्षित वापसी की व्यवस्था की।
 
सांस्कृतिक मूल्यों और कलाकारों से आह्वान
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गलत चरित्रों को नायक के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे सामाजिक मूल्यों पर असर पड़ा। उन्होंने कलाकारों और नाट्य संस्थानों से आह्वान किया कि वे महाराजा सुहेलदेव, वीरांगना अवंतीबाई, उदा देवी और झलकारी बाई जैसे नायकों पर आधारित प्रस्तुतियां तैयार करें, ताकि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सके।

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