सीएम योगी ने किया कमाल , 'अंलकार' की धमक से देश हैरान

सोचिए कि आप एक ऐसे स्कूल में जा रहे हैं, जहां क्लासरूम में सिर्फ बोर्ड और दीवारें नहीं, बल्कि स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला और विशाल पुस्तकालय हों। जहां बच्चे खेल के लिए चमचमाते मैदान पर दौड़ें, साफ पानी पिएं, स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय इस्तेमाल करें, और हर सुविधा उनके सपनों को उड़ान देने के लिए तैयार हो। अब सोचिए कि ये बदलाव केवल शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि सबसे दूर-दराज के गांवों और कस्बों तक पहुंच चुका है ..तो कैसा लगेगा .... 

जी हां .. यही है उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों का नया चेहरा — ‘प्रोजेक्ट अलंकार’... जिसने सरकारी स्कूलों की तस्वीर ही बदल दी है। यह योजना 1 अक्टूबर 2021 को शुरू हुई और आज राज्य के 2,441 सरकारी माध्यमिक विद्यालयों को 35 खास मापदंडों पर सुसज्जित कर रही है। स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, विषयवार विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, साफ पेयजल, अलग-अलग शौचालय, बच्चों के लिए रैंप, सौर ऊर्जा, खेल के मैदान और कई और सुविधाएं इस योजना के तहत उपलब्ध कराई जा रही हैं।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में दिल्ली में एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ की सफलता का बखान किया, जिससे वहां मौजूद सभी मुख्यमंत्रियों ने इसे अपनी-अपनी सरकारों में लागू करने की इच्छा जताई।इस योजना का फंड राज्य सरकार के साथ-साथ समग्र शिक्षा अभियान, ग्राम पंचायतें, शहरी निकाय, कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) और जनभागीदारी से भी जुटाया जा रहा है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर डीएम और राज्य स्तर पर शिक्षा निदेशक की निगरानी में समितियां गठित की गई हैं।अब योजना में क्या क्या है , ऐसे समझिए -              

  • योजना के तहत मुख्यमंत्री मॉडल स्कूल  और मुख्यमंत्री अभ्युदय स्कूल भी स्थापित किए जा रहे हैं
  • जिनमें  लैब, मिनी स्टेडियम, स्मार्ट क्लास, सौर पैनल और जल संरक्षण इकाइयां जैसी सुविधाएं मौजूद हैं
  • हर अभ्युदय स्कूल का निर्माण लगभग 1.42 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है
  • अब तक सात जिलों के 11 संस्कृत विद्यालयों का कायाकल्प पूरा हो चुका है
  • 141 अन्य संस्कृत विद्यालयों के लिए 14.94 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं

अब बहुत से लोग सोच सकते हैं कि आखिर इससे फायदा क्या ही हो रहा होगा तो चलिए वो भी बता देते हैं . आपको बता दें कि इस कायाकल्प का असर शिक्षा की गुणवत्ता पर साफ दिखाई दे रहा है। 2024 की वार्षिक शिक्षा स्थिति रिपोर्ट (ASER) बताती है कि

  • योजना के बाद यूपी के स्कूलों में नामांकन में 23% की वृद्धि हुई है
  • प्राथमिक स्तर पर बच्चों की उपस्थिति 11.5% और उच्च प्राथमिक स्तर पर 9.6% बढ़ी है
  • पुस्तकालयों के उपयोग में 55.2%  वृद्धि हुई है
  • लड़कियों के लिए शौचालय सुविधा के उपयोग में 54.4% की बढ़ोतरी हुई है

दरसल ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के 35 मापदंडों में स्मार्ट क्लास, विषयवार विज्ञान लैब, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, मल्टीपरपज हॉल, फर्नीचर, रसोईघर, साइकिल स्टैंड, स्वच्छ शौचालय, पेयजल, इंटरनेट, हरियाली, बाउंड्री वाल, खेल का मैदान, स्टेज और गार्डरूम जैसी हर सुविधा शामिल है, जो बच्चों को एक स्वस्थ, सुरक्षित और प्रगतिशील शिक्षा वातावरण प्रदान करती है।

अगर यही रफ्तार बनी रही, तो ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ न केवल उत्तर प्रदेश में बल्कि पूरे भारत में सरकारी स्कूलों की नई पहचान बनेगा, जहां हर बच्चा गर्व से कह सकेगा — मेरा स्कूल है बेहतर भविष्य का आधार।

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