अक्टूबर में हरी धनिया की खेती से 20-25 दिन में कमाई, कम लागत में किसानों के लिए बढ़िया मौका
हरी धनिया की खेती किसानों के लिए कम लागत में जल्दी आमदनी देने वाली फसल मानी जाती है। खासकर अक्टूबर का महीना हरी धनिया की खेती के लिए अनुकूल माना जाता है। अगर किसान समय रहते खेत की तैयारी और बुवाई शुरू कर दें, तो करीब 20 से 25 दिनों में हरी धनिया की कटाई कर इसे बाजार में बेच सकते हैं। रोजमर्रा की सब्जियों से लेकर लगभग हर घर की रसोई में हरी धनिया का इस्तेमाल होता है। इसकी लगातार मांग बनी रहने के कारण किसानों के लिए यह कम समय में अतिरिक्त आमदनी का अच्छा जरिया बन सकती है। दूसरी फसलों की तुलना में इसमें लागत भी कम आती है और फसल जल्दी तैयार हो जाती है।
अक्टूबर में हरी धनिया की खेती किसानों के लिए फायदेमंद
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अक्टूबर का समय हरी धनिया की खेती के लिए काफी बेहतर माना जाता है। इस दौरान किसान कम समय में तैयार होने वाली किस्मों की बुवाई कर सकते हैं। ऐसी किस्मों में तेजी से बढ़वार होती है और बुवाई के कुछ ही सप्ताह बाद हरी धनिया बाजार में बेचने लायक हो जाती है। कम समय में फसल तैयार होने के कारण किसानों को खेत में लंबे समय तक फसल खड़ी रखने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे वे जल्दी कटाई कर बाजार से आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।
कम समय में तैयार हो जाती है फसल
हरी धनिया की कुछ तेज बढ़वार वाली किस्में सामान्य किस्मों की तुलना में जल्दी तैयार हो जाती हैं। सामान्य धनिया को अंकुरित होने और बढ़ने में अधिक समय लग सकता है, जबकि तेज बढ़वार वाली किस्मों में अंकुरण के बाद पौधों की ग्रोथ तेजी से होती है। उचित मौसम और खेत की सही तैयारी के साथ करीब तीन सप्ताह के आसपास हरी धनिया की कटाई शुरू की जा सकती है। यही वजह है कि कम समय में फसल तैयार कर बेचने वाले किसानों के लिए यह खेती फायदेमंद हो सकती है।
मौसम में बदलाव का भी ज्यादा असर नहीं
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक हरी धनिया की कुछ तेज बढ़वार वाली किस्में मौसम में हल्के उतार-चढ़ाव को सहन कर सकती हैं। हालांकि अच्छी फसल के लिए खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखना जरूरी है। बुवाई से पहले खेत की अच्छी तरह जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा कर लेना चाहिए। इसके बाद बारीक मिट्टी में बीज की बुवाई करें और जरूरत के अनुसार सिंचाई करते रहें। साथ ही समय-समय पर खरपतवार की सफाई करना भी जरूरी है।
तीन सप्ताह में शुरू हो सकती है कटाई
समय पर बुवाई करने पर किसान करीब तीन सप्ताह के भीतर हरी धनिया की कटाई शुरू कर सकते हैं। कटाई के बाद इसे स्थानीय सब्जी मंडी, दुकानदारों, होटल और ढाबों समेत आसपास के बाजारों में आसानी से बेचा जा सकता है। हरी धनिया की रोजाना मांग रहने के कारण किसानों के लिए बाजार तलाशना अपेक्षाकृत आसान रहता है। हालांकि स्थानीय बाजार में कीमत मांग और आपूर्ति के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।
थोड़े-थोड़े अंतराल पर करें बुवाई
कृषि विशेषज्ञों की सलाह है कि छोटे किसान एक ही समय में पूरी जमीन पर धनिया की बुवाई करने के बजाय अलग-अलग हिस्सों में कुछ दिनों के अंतराल पर बुवाई करें। इससे लगातार हरी धनिया तैयार होती रहेगी और किसान नियमित अंतराल पर बाजार में फसल बेच सकेंगे। इस तरह कम जमीन, कम लागत और कम समय में किसान अपनी आय बढ़ाने का प्रयास कर सकते हैं। हरी धनिया की खेती उन किसानों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकती है, जो जल्दी तैयार होने वाली फसल के जरिए अतिरिक्त आमदनी करना चाहते हैं।

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