घर से भागे प्रेमियों की जन्नत है ये जगह, जोड़ों को पनाह देते हैं गांव वाले, पुलिस को भी नहीं बताते पता!
भारत भले ही तेज़ी से विकास की ओर बढ़ रहा हो। शहरों में ऊँची इमारतें, आधुनिक कॉलोनियाँ और चकाचौंध भरी ज़िंदगी आम होती जा रही है, लेकिन आज भी देश की असली पहचान उसके गांवों से ही जुड़ी है। चाहे कोई व्यक्ति सालों तक शहर में क्यों न रहा हो, गांव में बिताए कुछ दिन उसे फिर से मिट्टी और जड़ों से जोड़ देते हैं।
भारत में कई ऐसे गांव हैं जो अपनी खास पहचान और अनोखी परंपराओं की वजह से शहरों से भी ज़्यादा मशहूर हैं। इन्हीं में से एक है हिमाचल प्रदेश की वादियों में बसा मलाना गांव। यह गांव अपनी अलग संस्कृति और नियमों के लिए जाना जाता है।
मलाना गांव में कदम रखते ही महसूस होता है कि यहां की दुनिया बाकी जगहों से बिल्कुल अलग है। गांव के लोग बाहरी व्यक्तियों से सीधा संपर्क नहीं रखते। यहां किसी को छूना मना है। यहां तक कि खरीदारी के दौरान भी पैसे सीधे हाथ में नहीं दिए जाते। ग्राहक पैसे एक जगह रखता है, दुकानदार उन्हें उठाता है और लौटाने वाले पैसे अलग जगह रख देता है, ताकि किसी तरह का सीधा संपर्क न हो।अब इसी गांव से जुड़ी एक और अनोखी बात एक ट्रैवल ब्लॉगर ने साझा की है, जो लोगों के बीच काफी चर्चा में है।
प्रेमियों के लिए जन्नत
भारत भले ही आधुनिकता की ओर तेज़ी से बढ़ रहा हो, लेकिन इसके बावजूद कई सामाजिक बुराइयाँ आज भी मौजूद हैं। लव मैरिज अब धीरे-धीरे स्वीकार की जाने लगी है, फिर भी देश के कई हिस्सों में आज भी घर से भागने वाले प्रेमी जोड़ों को इज़्ज़त के नाम पर जान से मार दिया जाता है।
ऐसे माहौल में मलाना गांव को लेकर एक अलग दावा सामने आता है। गांव के लोगों का कहना है कि वे घर से भागे प्रेमी जोड़ों को शरण देते हैं और उनकी पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखते हैं। यहां ऐसे जोड़ों को किसी तरह का खतरा नहीं होता और उनके बारे में बाहर किसी को जानकारी नहीं दी जाती।कई प्रेमी जोड़े अपने परिवार के डर से इस गांव में आकर छिपते हैं और जब उन्हें पूरी तरह सुरक्षित महसूस होता है, तभी वे मलाना को छोड़कर आगे की ज़िंदगी की शुरुआत करते हैं।

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