अचानक बेहोश होकर गिर जाए कोई, तो सबसे पहले क्या करें? जानें कब जरूरी है CPR
कल्पना कीजिए कि आपके सामने अचानक कोई व्यक्ति गिर जाता है और वह किसी आवाज या छूने पर प्रतिक्रिया नहीं देता। ऐसी स्थिति में घबराना स्वाभाविक है, लेकिन शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं। सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि व्यक्ति केवल बेहोश हुआ है या वह सांस नहीं ले रहा और उसके दिल की धड़कन भी रुक गई है।
जयपुर स्थित नारायणा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. बृज वल्लभ शर्मा के मुताबिक, ऐसी परिस्थिति में मदद करने से पहले आसपास का माहौल सुरक्षित है या नहीं, यह देखना चाहिए। इसके बाद व्यक्ति को आवाज देकर और कंधे पर हल्का स्पर्श करके उसकी प्रतिक्रिया जांचें। अगर कोई जवाब नहीं मिलता है, तो तुरंत आसपास के लोगों से सहायता मांगें और इमरजेंसी मेडिकल सहायता के लिए 112 पर फोन करवाएं।
बेहोश व्यक्ति की सांस जरूर जांचें
मदद के लिए कॉल करने के बाद अगला जरूरी कदम व्यक्ति की सांस देखना है। ध्यान दें कि उसकी छाती सामान्य तरीके से ऊपर-नीचे हो रही है या नहीं।अगर सांस पूरी तरह बंद है या व्यक्ति केवल हांफ रहा है, तो इसे सामान्य सांस नहीं माना जाना चाहिए। यह कार्डियक अरेस्ट का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में समय गंवाए बिना CPR शुरू करना जरूरी होता है।
CPR देते समय इन बातों का रखें ध्यान
अगर व्यक्ति सांस नहीं ले रहा है, तो उसे किसी सख्त और समतल जगह पर पीठ के बल लिटाएं। इसके बाद छाती के बीच वाले हिस्से पर दोनों हाथों की मदद से चेस्ट कम्प्रेशन शुरू करें।वयस्क व्यक्ति में छाती को करीब 5 से 6 सेंटीमीटर तक दबाने की कोशिश करें और कम्प्रेशन की रफ्तार लगभग 100 से 120 प्रति मिनट रखें। अगर आपको CPR देने की ट्रेनिंग मिली है और आप सहज महसूस करते हैं, तो 30 चेस्ट कम्प्रेशन के बाद 2 रेस्क्यू ब्रीद दी जा सकती हैं।
हालांकि, अगर मुंह से सांस देने में आप सहज नहीं हैं, तो केवल लगातार चेस्ट कम्प्रेशन करना भी मददगार हो सकता है। सबसे अहम बात यह है कि आपात स्थिति में सहायता मिलने तक समय बर्बाद न हो।
AED मिल जाए तो उसका इस्तेमाल कैसे करें?
अगर आसपास AED यानी ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर मौजूद है, तो किसी व्यक्ति से उसे तुरंत लाने के लिए कहें। AED को चालू करने के बाद उसके वॉइस या स्क्रीन निर्देशों का पालन करें।यह डिवाइस व्यक्ति के दिल की रिदम को जांचता है और जरूरत पड़ने पर इलेक्ट्रिक शॉक देने के बारे में निर्देश देता है। इसका इस्तेमाल प्रशिक्षित व्यक्ति या डिवाइस के निर्देशों का पालन करते हुए किया जा सकता है।
हर बेहोशी में CPR देना सही नहीं
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि हर बेहोश व्यक्ति को CPR की जरूरत नहीं होती। अगर व्यक्ति प्रतिक्रिया देने लगता है और सामान्य रूप से सांस ले रहा है, तो चेस्ट कम्प्रेशन शुरू नहीं करना चाहिए।ऐसे व्यक्ति को करवट देकर रिकवरी पोजीशन में रखा जा सकता है और उसकी सांस पर लगातार नजर रखनी चाहिए। मेडिकल सहायता आने तक उसे अकेला न छोड़ें। बेहोशी की हालत में उसके मुंह में पानी, खाना या कोई दवा डालने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे नुकसान हो सकता है।
बेहोशी के पीछे हो सकते हैं कई कारण
अचानक बेहोश होने की वजह हमेशा एक जैसी नहीं होती। ब्लड प्रेशर का अचानक कम होना, ब्लड शुगर गिरना, हार्ट अटैक, स्ट्रोक या दिल से जुड़ी अन्य गंभीर समस्याएं इसके पीछे हो सकती हैं।इसलिए व्यक्ति के होश में आने के बाद भी मामले को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासतौर पर अगर बेहोशी अचानक हुई हो, पहले भी ऐसी घटना हो चुकी हो या इसके साथ सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, तेज सिरदर्द, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या बोलने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो जल्द से जल्द चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
ध्यान रखें: अचानक बेहोशी और सांस न आने की स्थिति में तुरंत स्थानीय इमरजेंसी सेवा को कॉल करना और प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा CPR शुरू करना बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।
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