SC/ST आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से मांगी एक्शन टेकन रिपोर्ट-

SC/ST आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से मांगी एक्शन टेकन रिपोर्ट-

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ को बाहर करने के मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने पूछा है कि 1 अगस्त 2024 को दिए गए संविधान पीठ के फैसले के अनुपालन में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने केंद्र को निर्देश दिया कि वह ‘स्टेट ऑफ पंजाब बनाम दविंदर सिंह’ मामले में दिए गए फैसले के पालन पर एक्शन टेकन रिपोर्ट के साथ हलफनामा दाखिल करे। यह निर्देश उस आवेदन पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें अदालत से 2024 के फैसले को लागू कराने का आदेश देने की मांग की गई थी।

संविधान पीठ ने अपने फैसले में कहा था कि आरक्षण के लाभों का समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए अनुसूचित जातियों के भीतर उप-वर्गीकरण संवैधानिक रूप से वैध है। साथ ही ‘क्रीमी लेयर’ सिद्धांत लागू करने की जरूरत पर भी बल दिया गया था। ‘क्रीमी लेयर’ की अवधारणा मूल रूप से मंडल आयोग के फैसले में प्रतिपादित की गई थी, जिसके तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को आरक्षण के लाभ से बाहर रखने का प्रावधान किया गया।

यह आवेदन राष्ट्रीय समन्वय समिति फॉर रिविजन ऑफ रिजर्वेशन पॉलिसी के अध्यक्ष ओ.पी. शुक्ला ने दायर किया है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि 2024 के फैसले के बाद अब केवल सरकार द्वारा ठोस कार्यान्वयन की आवश्यकता है। अदालत के ताजा रुख से साफ है कि वह इस मामले में प्रगति की निगरानी करना चाहती है। अब सबकी नजर केंद्र सरकार की आगामी कार्रवाई रिपोर्ट पर टिकी है।

 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.