दलाई लामा ने जीता पहला ग्रैमी अवॉर्ड, “स्पोकन वर्ड मेडिटेशंस” को मिला सम्मान

BY-UJJWAL SINGH

68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में 14वें दलाई लामा ने इतिहास रच दिया है. दुनिया के जाने-माने तिब्बती बौद्ध गुरु ने अपने ऑडियो एल्बम ‘स्पोकन वर्ड मेडिटेशंस: द रिफ्लेक्शंस ऑफ हिज होलीनेस द दलाई लामा’ के लिए अपना पहला ग्रैमी अवॉर्ड जीता। यह एल्बम शांति, करुणा और आध्यात्मिकता का संदेश देती है और लोगों को मानसिक संतुलन और सुखद जीवन की ओर प्रेरित करती है.The Office of His Holiness The Dalai Lama | The 14th Dalai Lama

ग्रैमी अवॉर्ड किस कैटेगरी में मिला?

दलाई लामा को यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड “बेस्ट ऑडियो बुक, नरेशन और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग” कैटेगरी में मिला. ग्रैमी अवॉर्ड संगीत जगत से जुड़े कलाकारों को दिया जाता है, लेकिन इस बार यह अवॉर्ड दलाई लामा जैसे आध्यात्मिक गुरु को भी मिला. इस प्रकार वह उन पहली बार अवॉर्ड जीतने वालों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिनमें के-पॉपर और हॉलीवुड डायरेक्टर स्टीवन स्पीलबर्ग भी शामिल हैं.The Heart of the Dalai Lama | Lion's Roar

“स्पोकन वर्ड मेडिटेशंस” क्यों खास है?

दलाई लामा की यह एल्बम केवल संगीत नहीं, बल्कि मानसिक शांति और जीवन के मूल्यों पर ध्यान केंद्रित करने वाली एक मार्गदर्शिका है. एल्बम में उनके विचारों और शिक्षाओं का संग्रह है, जिसमें करुणा, सहानुभूति और दुख से उबरने के उपाय शामिल हैं. साथ ही, इसमें मेडिटेशन, म्यूजिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण का मिश्रण है. एल्बम का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में सद्भाव, खुशहाली और मानसिक शांति फैलाना है.The 14th Dalai Lama pays tribute to the work of Mission 21 - Mission 21

दलाई लामा का जीवन और प्रभाव

दलाई लामा का जन्म 6 जुलाई 1935 को तिब्बत के एक छोटे से गांव में हुआ था. तिब्बत से निर्वासित होकर वह कई वर्षों से भारत के धर्मशाला में निवास कर रहे हैं। उनके विचार और शिक्षाएँ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सम्मानित हैं. कई हॉलीवुड सेलेब्रिटी, जैसे कि रिचर्ड गेरे, उनके शिष्य हैं और अक्सर धर्मशाला में उनके कार्यक्रमों में भाग लेते हैं.दलाई लामा का यह ग्रैमी अवॉर्ड न केवल उनके व्यक्तिगत सम्मान का प्रतीक है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि शांति, करुणा और आध्यात्मिकता की आवाज़ संगीत और कला के माध्यम से भी दुनिया तक पहुँच सकती है.THE VISION AND LEGACY OF THE DALAI LAMA - His Eminence Professor Samdhong  Rinpoche

 

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