खतरनाक मकड़ी घर ले आई महिला, पीसकर बनाई चटनी, फिर किया खौफनाक काम!

दुनिया की सबसे खतरनाक मकड़ियों में गिनी जाने वाली ब्लैक विडो स्पाइडर से आमतौर पर लोग डरते हैं और उससे दूरी बनाकर रखते हैं। लेकिन कैलिफोर्निया की 37 वर्षीय एक महिला ने नशे की लत के चलते इस जहरीली मकड़ी का बेहद खतरनाक तरीके से इस्तेमाल किया।महिला ने ब्लैक विडो मकड़ी के जहर को अपने शरीर में इंजेक्ट कर लिया, जिससे उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई और उसे तुरंत आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा।यह चौंकाने वाला और दुर्लभ मामला जनवरी 2025 में एक मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, महिला लंबे समय से हेरोइन की आदी थी, लेकिन इस बार उसने नशे के लिए एक जहरीली मकड़ी के जहर का सहारा लिया, जो उसकी जान के लिए बेहद खतरनाक साबित हुआ।

यूं बनाया था जहर

महिला ने ब्लैक विडो प्रजाति (Latrodectus genus) की मकड़ी को अपने घर ले जाकर उसे नष्ट किया और उसके ज़हर का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट के अनुसार, ज़हर को पानी में मिलाकर उसने उसे नस के ज़रिये अपने शरीर में पहुंचा दिया।इसके लगभग एक घंटे के भीतर ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। उसे पीठ, पेट और जांघों में तेज़ मांसपेशीय ऐंठन होने लगी। इसके साथ ही सिरदर्द, घबराहट, दिल की धड़कन तेज़ होना, सांस लेने में परेशानी और ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसे गंभीर लक्षण सामने आए। उसका शरीर का तापमान 99.5°F (37.5°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक था।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने सबसे पहले कैल्शियम ग्लूकोनेट दिया, जो आमतौर पर ब्लैक विडो के ज़हर से होने वाली ऐंठन में राहत के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इससे उसकी हालत में खास सुधार नहीं हुआ। बाद में दर्द को नियंत्रित करने के लिए मॉर्फिन दी गई।कुछ घंटों बाद उसकी सांस की परेशानी और बढ़ गई, जिसके चलते डॉक्टरों को उसे आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा।

मौत से हुआ सामना

आईसीयू में भर्ती होने के बाद महिला को अल्ब्यूटेरॉल नाम की दवा की तीन खुराक दी गईं, जो आमतौर पर अस्थमा के मरीजों को दी जाती है। इस दवा से उसकी सांस की नलियों की मांसपेशियां रिलैक्स हुईं। धीरे-धीरे शरीर पर जहर का असर कम होने लगा और कुछ समय बाद महिला की हालत में सुधार आ गया।

डॉक्टरों के मुताबिक, ब्लैक विडो मकड़ी के ज़हर में अल्फा-लेट्रोटॉक्सिन नाम का शक्तिशाली न्यूरोटॉक्सिन पाया जाता है, जो सीधे नर्वस सिस्टम पर हमला करता है। आमतौर पर जब ब्लैक विडो काटती है तो बहुत कम मात्रा में ज़हर शरीर में जाता है, लेकिन पूरे मकड़ी को पीसकर इंजेक्ट करने से ज़हर की मात्रा असामान्य रूप से बहुत ज्यादा हो गई।इस वजह से महिला में न्यूरोलॉजिकल, सांस से जुड़ी और ऑटोनॉमिक सिस्टम से जुड़े लक्षण बेहद गंभीर रूप में सामने आए।

यह मामला इसलिए भी बेहद दुर्लभ माना जा रहा है क्योंकि ब्लैक विडो मकड़ी के ज्यादातर मामले आकस्मिक काटने के होते हैं जैसे किसी शेड में हाथ लग जाना या अनजाने में जाले से टकरा जाना। किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर मकड़ी के ज़हर को शरीर में इंजेक्ट करना बेहद कम देखने को मिलता है।

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