दंतेवाड़ा में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा संपन्न*
दंतेवाड़ा - कलेक्टर एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन तथा जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जयंत नाहटा के नेतृत्व में उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर के तत्वावधान में राष्ट्रव्यापी बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण दंतेवाड़ा द्वारा किया गया। यह परीक्षा 22 मार्च 2026 को प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित हुई।
शिक्षार्थियों को प्रश्नपत्र हल करने हेतु 3 घंटे का समय दिया गया, जिसमें वे अपनी सुविधा अनुसार आकर परीक्षा में शामिल हुए। प्रश्नपत्र तीन भागों—पढ़ना, लिखना एवं गणित—में विभाजित था। जिले के चारों विकासखण्डों में ग्राम पंचायत स्तर पर विद्यालयों में कुल 496 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए। जिला जेल में विचाराधीन बंदियों के लिए भी एक विशेष परीक्षा केंद्र बनाया गया, जहां 69 ऐसे बंदी, जिन्होंने साक्षरता कक्षाओं में 200 घंटे की पढ़ाई पूर्ण की थी, उत्साहपूर्वक परीक्षा में शामिल हुए। जिला शिक्षा अधिकारी एवं सदस्य सचिव, जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण दंतेवाड़ा प्रमोद ठाकुर द्वारा विभिन्न परीक्षा केंद्रों का अवलोकन किया गया। प्रत्येक विकासखण्ड में मॉडल उल्लास साक्षरता केंद्र स्थापित किए गए, जहां ‘उल्लास सेल्फी जोन’ के माध्यम से शिक्षार्थियों का स्वागत किया गया। इस मूल्यांकन परीक्षा में बड़ी संख्या में शिक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। परीक्षा के दौरान कई प्रेरणादायक दृश्य भी देखने को मिले—किरंदुल में बी.वी. लक्ष्मी एवं बी. सरस्वती (दोनों बहनें) तथा उनकी मौसी डालीन मानिकपुरी और बहन की बेटी शांति ने एक साथ परीक्षा दी। जिला परियोजना अधिकारी डॉ. रत्नबाला मोहंती ने बताया कि परीक्षा के सुचारू संचालन हेतु जिला स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सहायक परियोजना अधिकारी, सहायक परियोजना समन्वयक (आरजीएम) एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत द्वारा मॉनिटरिंग की गई। वहीं विकासखण्ड स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी, खंड स्रोत समन्वयक तथा संकुल स्तर पर संकुल समन्वयक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम नोडल द्वारा सतत निगरानी रखी गई। शिक्षा के प्रति जागरूकता का प्रेरणादायक उदाहरण आज साक्षरता केंद्र सोनारपारा, गीदम में एक अत्यंत प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जहां एक पति-पत्नी अपने छोटे बच्चे के साथ परीक्षा देने पहुंचे और पूरे उत्साह के साथ परीक्षा में शामिल हुए।
यह दृश्य इस बात का प्रतीक है कि जहां एक ओर माता-पिता अपने भविष्य को संवारने के लिए शिक्षा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, वहीं उनका नन्हा बच्चा भी इस प्रेरणादायक सफर का साक्षी बन रहा है। इसके साथ ही कुछ महिला शिक्षार्थी अपने दुधमुंहे बच्चों के साथ परीक्षा में सम्मिलित हुईं, जो शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक वातावरण को दर्शाता है।यह पहल दंतेवाड़ा जिले में साक्षरता के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन और समाज में शिक्षा के बढ़ते महत्व को प्रदर्शित करती है।
रिपोर्टर - ए आर कर्मा

No Previous Comments found.