बड़े बचेली में मसीही समाज ने हर्षोल्लास के साथ शुरू किया पवित्र सप्ताह
पाम संडे (Palm Sunday), जिसे 'खजूर रविवार' भी कहते हैं, ईसाई धर्म का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है जो यीशु मसीह के यरूशलेम में विजयी प्रवेश की याद में ईस्टर से एक सप्ताह पहले मनाया जाता है। इस दिन, लोग यीशु के सम्मान में ताड़ (खजूर) की डालियाँ लहराकर और 'होसन्ना' (उद्धारकर्ता) कहकर उनका स्वागत करते हैं, जो शांति और विजय का प्रतीक है।
ए आर कर्मा
रिपोर्टर दंतेवाड़ा ✍️
बड़े बचेली में पाम संडे मनाने के
मुख्य कारण और महत्व:
विजयी प्रवेश की याद: यह उस घटना को दर्शाता है जब यीशु एक गधे पर बैठकर यरूशलेम आए थे, जो एक विनम्र राजा के रूप में उनकी शांतिप्रिय प्रकृति को दर्शाता है।
पवित्र सप्ताह (Holy Week) की शुरुआत: पाम संडे से ही पवित्र सप्ताह की शुरुआत होती है, जिसमें गुड फ्राइडे (यीशु का क्रूस पर चढ़ाया जाना) और ईस्टर संडे (पुनरुत्थान) शामिल हैं।
शांति के राजा के रूप में मान्यता: लोगों ने अपने वस्त्र और ताड़ की टहनियाँ रास्ते में बिछाकर यीशु का स्वागत किया था, जिसे वे अपना उद्धारकर्ता मानते थे।
ताड़ की डालियों का प्रतीक: ताड़ की शाखाएं विजय और सफलता का प्रतीक हैं, जो मसीह की पाप पर विजय को दर्शाती हैं।
इस दिन ईसाई धर्म के लोग चर्च में विशेष प्रार्थना सभाओं में भाग लेते हैं और छीद के पत्तों को आशीर्वाद दिया जाता है। आज इनलाईट सेवा संस्था चर्च बड़े बचेली में होसना होसना का गाना गाते हुए चर्च से बस स्टैंड होते हुए वापस चर्च तक समापन हुआ
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