पॉलिटेक्निक कॉलेज के बच्चे रोजाना करते खटारा बस में सफर जान जोखिम में
दंतेवाड़ा : छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां देश की बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनएमडीसी लिमिटेड जहां एक ओर उत्पादन में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है, वहीं दूसरी ओर उसी कंपनी के अधीन संचालित कॉलेज के छात्रों की सुरक्षा भगवान भरोसे नजर आ रही है।
ये तस्वीरें हैं एनएमडीसी डीएवी पॉलिटेक्निक कॉलेज के उन छात्रों की, जो रोजाना किरंदुल से बचेली और गीदम-जावंगा तक जान जोखिम में डालकर खटारा बस में सफर करने को मजबूर हैं। कॉलेज के प्रिंसिपल मुकेश ठाकुर की लापरवाही अब खुलकर सामने आ रही है।
छात्रों का आरोप है कि—
बसों की संख्या बेहद कम है, पूरे सेमेस्टर में एक-दो बस भी पर्याप्त नहीं कई बार छात्रों को खड़े होकर सफर करना पड़ता है परीक्षा के समय स्थिति और भी बदतर हो जाती है बस का फर्श इतना खराब हो चुका है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। छात्रों का कहना है कि कई बार बस रास्ते में ही खराब हो जाती है, और पूरी यात्रा डर के साए में गुजरती है छात्रों ने कई बार मौखिक शिकायत की, लेकिन प्रिंसिपल मुकेश ठाकुर ने इन शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया।
प्रिंसिपल का कहना है कि बसों का नियमित मेंटेनेंस होता है और छात्र झूठ बोल रहे हैं—
लेकिन ये तस्वीरें खुद सच्चाई बयां कर रही हैं। भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा है कि—
“यह सीधे-सीधे छात्रों के जीवन से खिलवाड़ है। अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।”
एक तरफ एनएमडीसी लिमिटेड रिकॉर्ड प्रोडक्शन का जश्न मना रही है और दूसरी तरफ उसी के छात्रों का भविष्य जर्जर बसों में हिचकोले खा रहा है। अब सवाल यह है—
क्या प्रबंधन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
या फिर छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तुरंत कार्रवाई करेगा?
फिलहाल देखना होगा कि इस मामले में एनएमडीसी प्रबंधन और कॉलेज प्रशासन कब जागता है…
क्योंकि यहां बात सिर्फ बस की नहीं, बल्कि सैकड़ों छात्रों की जिंदगी की है।
रिपोर्टर : जी एल

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