भारत मुक्ति मोर्चा ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

दंतेवाड़ा : माननीय महोदया, हम भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के द्वारा भारत के संविधान द्वारा दिए हुए संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत उपरोक्तकेन्द्र सरकार द्वारा कैबिनेट में ओबीसी की जाति आधारित जनगणना का फैसला करने के बावजूद भी जनगणना नोटिफिकेशन में ओबीसी की जातियों कॉलम नहीं दिया गया है। घोषित करने के बाद भी ओबीसी के जाती के कॉलम को ना दिया जाना ओबीसी के साथ धोखेबाजी है। इसलिए इस साल से होने वाली राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी का एवं जाति का कॉलम बढ़ाया जाए। 2. पहले कमजोर यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बनाना और फिर सुप्रीम कोर्ट में कमजोर पैरवी करके उस पर भी रोक लगवाना एससी-एसटी ओबीसी के साथ धोखेबाजी है। अतः एससी-एसटी ओबीसी के समर्थन में सख्त यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन बनाकर लागू किया जाए। 3. 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से मुक्त किया जाए। अतः महामहिम राष्ट्रपति से नम्र निवेदन है कि इस ज्ञापन से की जा रही मांगो पर शीघ्र एवं सकारात्मक निर्णय लिया जाए। यदि हमारी उपरोक्त मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो- भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के द्वारा संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से इस राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध जनआंदोलन को और अधिक उम्र एवं व्यापक किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। जाए जिला दंतेवाड़ा में कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम पर ज्ञापन सौंपा गया है उपस्थित जिला अध्यक्ष दसाराम पोडियम एवं कार्यकरणी मसोराम  मंडावी गजेंद्र ताती लक्ष्मण मंडावी आदि उपस्थित रहे। 

रिपोर्टर : ए आर कर्मा 

 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.